
जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में “हर घर शिक्षा” अभियान का शुभारंभ – पुणेकर और नर्चर वर्क्स का शैक्षणिक एवं वैद्यकीय योगदान
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: शिक्षा ही सशक्तिकरण और सामाजिक शांति स्थापित करने का सबसे प्रभावी साधन है। इसी उद्देश्य से पुणेकर संस्था और नर्चर वर्क्स की पहल पर जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में “हर घर शिक्षा” अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत शैक्षणिक और वैद्यकीय स्तर के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। यह जानकारी पुणेकर संस्था के अध्यक्ष हेमंत जाधव ने पत्रकार वार्ता में दी।
पत्रकार परिषद में हेन्कल इंडिया लिमिटेड के डॉ. प्रसाद खंडागळे, नर्चर वर्क्स संस्थापक विहा भट्टड, सहसंस्थापक आर्या शहा, अनैशा गोल्छा, कॉसमॉस (जनक शाह) डायरेक्टर मेहुल शहा, पुणेकर के विश्वस्त विपुल कांबळे, अखिल झांजले सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
हेमंत जाधव ने बताया कि सीमावर्ती और संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में विद्यार्थियों के शैक्षणिक और डिजिटल अंतर को पाटने के लिए यह शैक्षणिक सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसका शुभारंभ जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और लेह, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता की उपस्थिति में होगा। अभियान में काफिला फाउंडेशन, जनरल जोरावर सिंग एजुकेशन ट्रस्ट, सपोर्ट ट्रस्ट, माउंटन वैली, कॉसमॉस (जनक शाह) और हेन्कल इंडिया लिमिटेड का विशेष सहयोग शामिल है।
विहा भट्टड ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को व्यापक शैक्षणिक सहायता किट वितरित की जाएगी, जिसमें शालेय सामग्री, स्टेशनरी, गणवेश और डिजिटल शिक्षण सामग्री शामिल हैं। अभियान का लक्ष्य प्रत्येक घर तक शिक्षा सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को शैक्षणिक संसाधन, डिजिटल उपकरण और सृजनात्मक शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत 15,000 शैक्षणिक किट, 5,000 प्राथमिक उपचार पेटियां और 500 डिजिटल टैबलेट/आईपैड सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक पहुंचाए जाएंगे।

आर्या शहा ने बताया कि अभियान में डिजिटल साक्षरता और ई-लर्निंग की पहुंच बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को प्री-लोडेड शिक्षण सामग्री सहित टैबलेट प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, शिक्षा, सृजनशीलता और राष्ट्र निर्माण के महत्व को उजागर करने वाले जागरूकता और प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ाने के लिए आंतरविद्यालय सृजनात्मक प्रतियोगिताओं (कला, निबंध, प्रश्नमंजुषा) का आयोजन भी किया जाएगा।
अभियान के तहत जम्मू और कश्मीर के राजौरी, रियासी, पुंछ, कुपवाड़ा, माछिल, केरन, तंगधार और लद्दाख के कारगिल, लेह के सीमावर्ती गाँवों में शैक्षणिक किट वितरित किए जाएंगे।
यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों में डिजिटल और शैक्षणिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।



