पुणे के नोबल हॉस्पिटल ने महाराष्ट्र की इस प्रकार की पहली रोबोटिक हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक करके रचा इतिहास
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे: हडपसर स्थित नोबल हॉस्पिटल्स अँड रिसर्च सेंटर ने रोबोट की मदद से कीहोल पोर्ट्स के माध्यम से पूरी तरह से की जाने वाली जटिल ‘ रोबोटिक लेफ्ट एट्रियल मीक्झोमा एक्सिजन’ यह हृदय में बनी गांठ को निकालने की सर्जरी सफलतापूर्वक की है. हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
यह शस्त्रक्रिया 55 वर्षीय एक महिला पर की गई. नियमित जांच के दौरान उनके छाती के बाएं कक्ष में ट्यूमर (गांठ) होने का निदान हुआ था. इस प्रकार की गांठ को ‘लेफ्ट एट्रियल मीक्झोमा’ कहा जाता है. यह सामान्यतः पाई जाने वाली और गैर-कैंसरयुक्त (बेनाइन ट्युमर) गांठ होती है, लेकिन इसके कारण मरीज को स्ट्रोक आना या सांस फूलना जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में सर्जरी के माध्यम से गांठ को निकालना ही एकमात्र उपचार विकल्प होता है.
पारंपरिक रूप से, इस सर्जरी के लिए ‘मीडियन स्टर्नोटॉमी’ की आवश्यकता होती है, जिसमें छाती को खोलने और हृदय तक पहुंचने के लिए छाती की हड्डी को काटना पड़ता है. लेकिन नोबल हॉस्पिटल में पहली बार यही प्रक्रिया रोबोट की सहायता से केवल छोटे पोर्ट इन्सीजन के जरिए की गई. इस प्रक्रिया में न तो कोई बड़ा छेद लगाया गया और ना छाती की हड्डी को काटने की जरूरत पड़ी. इस दौरान हार्ट-लंग मशीन का उपयोग कर हृदय को अस्थायी रूप से रोका गया. थ्रीडी कैमरे की मदद से हृदय के बाएं कक्ष में जाकर अत्यंत सटीकता के साथ इस गांठ को हटाया गया.
यह हार्ट सर्जरी में एक महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक कदम है और यह शस्त्रक्रिया हृदय शल्यचिकित्सक डॉ. धैर्यशील कणसे की नेतृत्व में, वरिष्ठ कर्करोग शल्यचिकित्सक डॉ. आशीष पोखरकर के साथ मिलकर की गई. सर्जिकल टीम में डॉ.अनिरुद्ध ढेकणे और डॉ. एन. जाधव शामिल थे. एनेस्थीसिया देने का काम डॉ. सम्राट मदनाईक और डॉ. परमिता दीक्षित इन्होंने किया.
डॉक्टरों की टीम को बधाई देते हुए नोबल हॉस्पिटल्स अँड रिसर्च सेंटर’ के उपव्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिविज माने ने कहा कि इस तरह की प्रगति से हृदय रोग उपचार की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा और प्रगत रोबोटिक हृदय शस्त्रक्रिया के क्षेत्र में हमारी क्षमता और मजबूत होगी. मरीजों को सर्वोत्तम परिणाम देने के लिए हम मरीज-केंद्रित और तकनीक-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छूते हुए और अधिक उन्नत उपचार की दिशा में आगे बढ़ते रहेंगे.
डॉ. दिविज माने ने आगे कहा कि, आज पुणे अत्याधुनिक हृदय रोग उपचार के लिए जागतिक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ सर्जन और प्रगत तकनीक की मदद से यहां अत्याधुनिक रोबोटिक हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही है, जिसके परिणाम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ केंद्रों के बराबर हैं. अब मरीजों को अद्ययावत उपचार के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है; हम उन्हें उनके ही शहर में सर्वोत्तम और अत्याधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए वचनबद्ध हैं. यह पड़ाव हमारे दृढ़ संकल्प का प्रतीक है. हम चिकित्सा क्षेत्र में संभावनाओं की सीमाओं को लगातार आगे बढ़ाते रहेंगे, तंत्रज्ञान और कौशल में निरंतर निवेश करेंगे और मरीज-केंद्रित, परिणाम-आधारित हृदय उपचार के नए मापदंड स्थापित करेंगे. प्रगत हृदय सर्जरी के प्रमुख केंद्र के रूप में अब दुनिया का ध्यान तेजी से पुणे की ओर आकर्षित होगा, और इस दिशा में नेतृत्व करने का हमारा संकल्प है.
नोबल हॉस्पिटल्स ॲन्ड रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष व व्यवस्थापकीय संचालक डॉ. दिलीप माने ने कहा कि हमारे अस्पताल में रोबोटिक हृदय सर्जरी की शुरुआत हमारी तकनीक और चिकित्सा उत्कृष्टता के प्रति वचनबद्धता को दर्शाती है. यह महत्वपूर्ण कामगिरी योग्य नियोजन, जागतिक स्तरीय पायाभूत सुविधा और हमारी कुशल बहुशाखीय टीम के समर्पण के कारण संभव हो पाई है.
नोबल हॉस्पिटल्स ॲन्ड रिसर्च सेंटर के समूह कार्यकारी अधिकारी डॉ. संजय पठारे ने कहा कि यह महत्वपूर्ण पड़ाव हमारे शहर में हृदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक बड़ी प्रगति को दर्शाता है. रोबोटिक तकनीक से की गई सर्जरी न केवल अधिक सटीकता प्रदान करती है, बल्कि मरीजों को तेजी से स्वस्थ होने, कम दर्द और बेहतर वैद्यकीय परिणाम भी संभव बनाती है. स्वास्थ्य सेवाओं के नए मापदंड स्थापित करने के लिए हम अत्याधुनिक वैद्यकीय नवकल्पना और कुशल मानव संसाधन में निरंतर निवेश करते रहेंगे.

