
जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी महाराज का ‘सूर्यदत्त’ में मार्गदर्शन गुरुवार को
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे: वैश्विक संघर्ष से लेकर संवैधानिक प्रश्नों तक भारतीय ज्ञान परंपरा और न्याय व्यवस्था पर भगवान महावीर की आध्यात्मिक परंपरा के 79वें उत्तराधिकारी परमपूज्य जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी महाराज का विशेष मार्गदर्शन सत्र सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन की ओर से आयोजित किया गया है। यह कार्यक्रम बावधन स्थित सूर्यदत्त कैंपस में गुरुवार (12 मार्च) को दो सत्रों में आयोजित होगा।
पहला सत्र सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक “भारतीय ज्ञानपरंपरा – वैश्विक अस्थिरता का समाधान” विषय पर होगा, जबकि दूसरा सत्र शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक “सबरीमाला पुनर्विचार – भारत में धर्म का भविष्य” विषय पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी महाराज अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
सूर्यदत्त एजुकेशन फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय बी. चोरडिया ने बताया कि वर्तमान समय में विश्वभर में तनाव की स्थिति बढ़ रही है। इसी बीच भारत के सर्वोच्च न्यायालय में सबरीमाला मामले के पुनर्विचार को लेकर नौ न्यायाधीशों की संवैधानिक पीठ के समक्ष सुनवाई की तैयारी चल रही है। ऐसे समय में जैनाचार्य युगभूषणसूरीजी का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
उन्होंने बताया कि प्राचीन ज्ञान परंपरा पर आधारित शोध के माध्यम से वैश्विक समकालीन मुद्दों पर विचार करने वाली स्वयंसेवी संस्था ‘ज्योत’ के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकॉनॉमिक्स और अजिंक्य डी. वाय. पाटिल विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, शोधार्थी, कानून विशेषज्ञ और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विचारक सहित लगभग 600 से अधिक छात्र उपस्थित थे.



