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अखिल भारतीय पाली साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष बने डॉ. बिमलेंद्र कुमार

अखिल भारतीय पाली साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष बने डॉ. बिमलेंद्र कुमार

 

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे :सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के मार्गदर्शन में पद्मपाणी फाउंडेशन और अभिजात भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में 22 मार्च को पुणे में “अखिल भारतीय पाली साहित्य सम्मेलन” आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए प्रो. डॉ. बिमलेंद्र कुमार का चयन किया गया है। वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ विद्वान हैं।

इस चयन की आधिकारिक घोषणा सम्मेलन के मुख्य आयोजक राहुल डंबाळे, पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के प्रमुख डॉ. महेश देवकर, सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ धेंडे, सह-स्वागताध्यक्ष डॉ. गौतम चाबुकस्वार तथा पद्मपाणी फाउंडेशन की संचालिका सुवर्णा डंबाळे ने संयुक्त रूप से की।

पाली साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान

प्रो. डॉ. बिमलेंद्र कुमार पाली भाषा और बौद्ध दर्शन के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित विद्वान माने जाते हैं। उनकी अध्यक्षता से सम्मेलन को वैचारिक और शैक्षणिक दृष्टि से नई ऊंचाई मिलने की उम्मीद आयोजकों ने व्यक्त की है।

डॉ. कुमार ने पाली भाषा के ‘अभिधम्म’ दर्शन, ‘धम्मसंगणी’ और ‘भेषज्जमंजूषा’ जैसे जटिल ग्रंथों पर गहन शोध किया है। उन्होंने अब तक 19 से अधिक ग्रंथों का संपादन किया है और 125 से अधिक शोध लेख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित किए हैं। उनके मार्गदर्शन में 35 से अधिक विद्यार्थियों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

शैक्षणिक कार्य और जिम्मेदारियां

डॉ. कुमार ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पाली विभागाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय और विश्वभारती विश्वविद्यालय (शांतिनिकेतन) में भी अध्यापन किया है। हाल ही में उन्हें लुंबिनी बौद्ध विश्वविद्यालय, नेपाल में ‘ICCR डॉ. बी. आर. आंबेडकर चेयर’ के पहले प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया था।

पुरस्कार और सम्मान

पाली भाषा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल द्वारा “विशेष पुरस्कार” तथा अखिल भारतीय विद्वत परिषद द्वारा “विद्वत भूषण” सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।

सम्मेलन का उद्देश्य

यह सम्मेलन पाली एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के शैक्षणिक मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य पाली साहित्य का प्रचार-प्रसार, संरक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इस सम्मेलन में देशभर से पाली भाषा के विद्वान, शोधार्थी और साहित्यकार बड़ी संख्या में पुणे में शामिल होने वाले हैं।

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