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ऑक्समिक लैब्स और एएम इंटेलिजेंस लैब्स ने दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा आधारित एआई कंप्यूट प्लेटफॉर्म में से एक विकसित करने के लिए की साझेदारी

ऑक्समिक लैब्स और एएम इंटेलिजेंस लैब्स ने दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा आधारित एआई कंप्यूट प्लेटफॉर्म में से एक विकसित करने के लिए की साझेदारी

फोटॉन से परिणाम तक अनुकूलन, 100% नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित

रिपोर्ट विशाल समाचार

स्थान: भारत हैदराबाद

भारत, हैदराबाद,  ऑक्समिक लैब्स (“OXMIQ”) — जीपीयू आर्किटेक्चर और एआई तकनीक कंपनी, जिसकी स्थापना राजा कोदुरी ने की है — ने आज एएम इंटेलिजेंस लैब्स (“एएमआई लैब्स”) के साथ एक रणनीतिक प्रौद्योगिकी साझेदारी की घोषणा की। एएमआई लैब्स, एएम ग्रुप का एक व्यावसायिक हिस्सा है। इस साझेदारी के तहत एएमआई लैब्स की वर्ष 2030 तक 2 गीगावाट एआई कंप्यूट क्षमता विकसित करने की योजना के लिए डाटा सेंटर और सिस्टम इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी सलाह दी जाएगी। इसकी शुरुआत भारत के नोएडा, उत्तर प्रदेश में बनने वाले 1 गीगावाट एआई कंप्यूट हब से होगी।

 

 

 

एएमआई लैब्स, एएम ग्रुप का एक रणनीतिक व्यवसायिक प्रभाग है, जो ग्रीनको की मूल कंपनी भी है। ग्रीनको भारत की सबसे बड़ी हरित ऊर्जा उत्पादक कंपनी है, जिसके पास सौर, पवन और जलविद्युत सहित 50 गीगावाट की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता है। इसके साथ ही 100 गीगावाट-घंटे की इंटेलिजेंस ऊर्जा भंडारण क्षमता भी है और यह भारत की कुल बिजली आपूर्ति का लगभग 2 प्रतिशत प्रदान करती है। यह ऊर्जा पूरी तरह कार्बन-मुक्त है और पारंपरिक डाटा सेंटर बिजली लागत की तुलना में 50–70 प्रतिशत कम कीमत पर उपलब्ध है।

 

 

 

भारत तेजी से एआई उपयोग और टोकन खपत के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बनकर उभर रहा है। विशाल डेवलपर समुदाय, डिजिटल इकॉनोमी और एआई को तेजी से अपनाते उद्योगों के कारण भारत वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था में मांग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।

 

 

 

एएम ग्रुप ने अपने प्रमुख एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का विकास शुरू कर दिया है, जिसमें नोएडा कंप्यूट हब का पहला चरण निर्माणाधीन है। वर्ष 2027 के अंत तक शुरुआती कंप्यूट क्षमता को चालू करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इस प्रोजेक्ट के तहत समूह दुनिया के सबसे बड़े नवीकरणीय ऊर्जा आधारित एआई कंप्यूट प्लेटफॉर्म में से एक तैयार कर रहा है। इस दौरान ऑक्समिक एएम ग्रुप के साथ मिलकर सिस्टम आर्किटेक्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन और मॉड्यूलर इंप्लीमेंटेशन को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि प्लेटफॉर्म को तेज़ी से स्थापित किया जा सके और उच्च दक्षता हासिल हो सके।

 

 

 

इस साझेदारी के तहत ऑक्समिक कंप्यूट प्लेटफॉर्म के लिए आर्किटेक्चर और इंजीनियरिंग साझेदार के रूप में काम करेगा। कंपनी एएमआई लैब्स के साथ मिलकर सिस्टम आर्किटेक्चर, हार्डवेयर रोडमैप और सप्लाई चैन रणनीति तैयार करेगी, जो इस प्रोजेक्ट की नींव बनेगी। ऑक्समिक के पास पूरे कंप्यूट सिस्टम की गहरी विशेषज्ञता है—ट्रांजिस्टर स्तर के जीपीयू आर्किटेक्चर और एडवांस्ड पैकेजिंग से लेकर रैक-स्तरीय सिस्टम, हाई-परफॉर्मेंस इंटरकनेक्ट और बड़े पैमाने पर एआई कार्यों को संचालित करने वाले सॉफ्टवेयर तक। यह साझेदारी फोटॉन से परिणाम तक पूरे सिस्टम को अनुकूलित करेगी।

 

 

 

एएम ग्रुप नोएडा में 1 गीगावाट का एआई हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट हब विकसित कर रहा है। यह एक पूरी तरह इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म होगा जिसमें कार्बन-मुक्त ऊर्जा उत्पादन, एडवांस्ड डाटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाई-परफॉर्मेंस एक्सेलेरेटर, पूरा सॉफ्टवेयर सिस्टम, एप्लिकेशन और फ्लेक्सिबल उपयोग मॉडल शामिल होंगे—जैसे एआई पॉड-एज़-ए-सर्विस और टोकन-एज़-ए-सर्विस।

 

 

 

ऑक्समिक की विशेषज्ञता इस प्लेटफॉर्म को फोटॉन से टोकन तक पूरी तरह अनुकूलित करने में मदद करेगी। नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से लेकर डाटा सेंटर डिज़ाइन, लिक्विड कूलिंग, इंटरकनेक्ट संरचना, एक्सेलेरेटर चयन और कार्यभार प्रबंधन तक हर स्तर को एक एकीकृत प्रणाली के रूप में तैयार किया जाएगा। इससे उद्योग में अग्रणी “इलेक्ट्रॉन-से-टोकन” अर्थशास्त्र संभव होगा और बड़े पैमाने पर एआई कंप्यूट की लागत काफी कम हो सकेगी।

 

 

 

एएम ग्रुप के समूह अध्यक्ष अनिल चालमलसेट्टी ने कहा, “ऑक्समिक एएमआई लैब्स को उद्योग की गहरी हार्डवेयर और सिस्टम विशेषज्ञता तक पहुंच देता है। सिलिकॉन वैली की अग्रणी कंपनियों में काम कर चुकी उनकी टीम का अनुभव हमें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अवसंरचना तैयार करने में मदद करेगा। हम मिलकर एएमआई लैब्स को एक पूर्ण-स्टैक एआई कंप्यूट प्लेटफॉर्म बनाने की नींव रख रहे हैं।”

 

 

 

ऑक्समिक लैब्स के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजा कोदुरी ने कहा, “एएमआई लैब्स ऑक्समिक के लिए एक आदर्श साझेदार है। उन्होंने बड़े पैमाने पर एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर की सबसे बड़ी चुनौती—विश्वसनीय और कार्बन-मुक्त बिजली—का समाधान कर लिया है। हमारी टीम ने दशकों तक ऐसे सिलिकॉन, सिस्टम और सॉफ्टवेयर विकसित किए हैं जो दुनिया के सबसे एडवांस्ड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म को शक्ति देते हैं। एएमआई लैब्स के प्रोजेक्ट्स में शुरुआत से ही इस विशेषज्ञता को शामिल करने से हर रैक, हर इंटरकनेक्ट, हर स्टोरेज और कूलिंग सिस्टम एआई युग की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकेगा।”

 

 

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