
सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती हैं : अनूप ठाकुर महाराज
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:हरदोई उत्तर प्रदेश
जिला हरदोई के ग्राम जरौली नेवादा में चल रही पावन श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस पर भक्ति, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर असलापुर धाम से पधारे अखिल विश्व कल्याण पीठ के पीठाधीश्वर, सुप्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य अनूप ठाकुर जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म की अलौकिक एवं हृदयस्पर्शी कथा का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
महाराज श्री ने अपने ओजस्वी एवं सरस प्रवचनों के माध्यम से बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म, अत्याचार और अन्याय बढ़ता है, तब-तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि किस प्रकार अत्याचारी कंस के अत्याचारों से व्यथित पृथ्वी की पुकार सुनकर भगवान श्रीकृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लिया और समस्त संसार को भयमुक्त करने का संकल्प लिया।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग सुनाते हुए महाराज श्री ने बताया कि मध्य रात्रि के उस दिव्य क्षण में सम्पूर्ण प्रकृति आनंदित हो उठी, कारागार के बंधन स्वतः खुल गए और वसुदेव जी नवजात भगवान को यमुना पार गोकुल ले गए। इस दिव्य लीला का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पूरे पंडाल में “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष गूंज उठे।
महाराज श्री ने अपने प्रवचन में यह भी बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, करुणा, सेवा और निष्काम कर्म का मार्ग दिखाता है, जिसे अपनाकर मनुष्य अपने जीवन को सफल बना सकता है।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, एवं मनमोहक सजावट ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।
अंत में आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन किया कि वे कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करें तथा अपने जीवन में भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाएं। इस मौके पर आयोजक डा. रामनाथ कुशवाहा, डा. ऊषा कुशवाहा, दीपक कुशवाहा, देवेन्द्र कुशवाहा, छोटे कुशवाहा, नितिन कुशवाहा, अमरेश, अभिषेक, श्रीराम, बच्चू समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहें!



