पूणेमहाराष्ट्र

रामनवमीः श्रद्धा, परंपरा और आदर्श का पर्व ,डॉ. संजय उपाध्ये के विचार, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में उत्साहपूर्वक आयोजन

रामनवमीः श्रद्धा, परंपरा और आदर्श का पर्व ,डॉ. संजय उपाध्ये के विचार, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में उत्साहपूर्वक आयोजन

रिपोर्ट: विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे। रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि मर्यादा, सत्य और धर्म के प्रतीक भगवान श्रीराम के आदर्शों को स्मरण करने का अवसर है। यह पर्व धर्म और सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता है। प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन में आदर्श पुत्र, आदर्श राजा और आदर्श पति का उदाहरण प्रस्तुत किया। उक्त विचार प्रसिद्ध वक्ता डॉ. संजय उपाध्ये ने व्यक्त किए।

एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में रामनवमी का पर्व बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कार्यकारी संचालिका डॉ. आदिती राहुल कराड, कुलगुरु डॉ. आर.एम. चिटणीस, कुलसचिव प्रो. गणेश पोकळे, डॉ. संजय उपाध्ये, डॉ. मिलिंद पात्रे, आर्किटेक्ट डॉ. राजीव मिश्र, आर्किटेक्ट आनंद उकिडवे, आर्किटेक्ट मंजुषा उकिडवे एवं डॉ. एस.ए. बोकील सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने प्रभु श्रीराम की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। साथ ही विद्यार्थियों को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से परिचित कराने हेतु विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

अपने संबोधन में डॉ. उपाध्ये ने कहा कि भारतीय संस्कृति का प्रतीक रामायण यदि प्रत्येक विद्यार्थी समझ ले, तो भारत को विश्वगुरु बनने में देर नहीं लगेगी। भारतीय संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ का संदेश देती है, जो संपूर्ण विश्व को एक परिवार के रूप में देखने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। यह पर्व नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना का संदेश देता है। जब भगवान श्रीराम वनवास से लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले माता कैकयी के चरण स्पर्श कर यह दर्शाया कि सम्मान और मर्यादा जीवन के सर्वोच्च मूल्य हैं।

कार्यक्रम के अंत में ‘गीत रामायण’ के भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई। वहीं छात्र प्रतिनिधि उत्कर्ष बंगापूरे ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button