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स्मार्ट टेक्नोलॉजी, संवेदनशील प्रशासन : पुणे जिला परिषद की नई पहचान

स्मार्ट टेक्नोलॉजी, संवेदनशील प्रशासन : पुणे जिला परिषद की नई पहचान

रिपोर्ट :विशाल समाचार

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे जिला परिषद प्रशासन ने तकनीक के दम पर अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव लाते हुए एक नई पहचान बनाई है। डिजिटल पहल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जीआईएस और ऑनलाइन सेवाओं के जरिए नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सरल सेवाएं दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्मानित इस उपलब्धि के पीछे की कहानी प्रशासनिक नवाचार का प्रेरणादायक उदाहरण है।

पिछले एक वर्ष में पुणे जिला परिषद ने ई-गवर्नेंस को अपनाते हुए पारंपरिक कामकाज में व्यापक सुधार किए हैं। अब नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। डिजिटल रिकॉर्ड, ऑनलाइन सेवाएं और व्हाट्सऐप चैनलों के माध्यम से शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हुआ है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है।

राज्य सरकार के 150 दिन के ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम में पुणे जिला परिषद ने 200 में से 196.25 अंक हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुंबई में आयोजित समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटिल को सम्मानित किया गया।

निपुण डैशबोर्ड

शिक्षा क्षेत्र में “निपुण डैशबोर्ड” के माध्यम से छात्रों की प्रगति का डेटा-आधारित विश्लेषण किया जा रहा है। जिले की 3,125 स्कूलों के 1,10,868 छात्रों की परीक्षा के आधार पर शिक्षण गुणवत्ता में सुधार के लिए निर्णय लिए जा रहे हैं।

QR कोड कर प्रणाली

जिले की 1,100 से अधिक ग्राम पंचायतों में QR कोड और UPI के जरिए टैक्स भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इससे घर बैठे कर भुगतान संभव हुआ और राजस्व में लगभग 30% की वृद्धि दर्ज की गई।

ब्लॉकचेन व GIS आधारित संपत्ति प्रबंधन

जिला परिषद की स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य संपत्तियों को जियो-टैग कर GIS मैपिंग के जरिए जोड़ा गया है। 20 से अधिक लेयर वाले डेटा में पानी, सड़क, शौचालय, गांव-सीमाएं आदि शामिल हैं, जिससे योजना निर्माण और संसाधन वितरण अधिक सटीक हुआ है।

जनरेटिव AI और 24×7 चैटबॉट सेवा

एआई आधारित चैटबॉट नागरिकों को 24 घंटे जानकारी, प्रमाणपत्र स्थिति, योजनाओं की जानकारी और शिकायत निवारण की सुविधा दे रहा है। यह मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है और प्रशासन को अधिक उत्तरदायी बना रहा है।

लघु सिंचाई संरचनाओं की GIS मैपिंग

गूगल मैप्स और सैटेलाइट तकनीक के जरिए 1,566 गांवों में 802 सिंचाई संरचनाओं का मैपिंग किया गया है। इससे जल प्रबंधन, बाढ़ और सूखा योजना, तथा नई परियोजनाओं के निर्णय में सटीकता आई है।

व्हाट्सऐप AI चैटबॉट

नागरिकों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए व्हाट्सऐप आधारित प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जो 24×7 सेवाएं, योजना अपडेट और शिकायत समाधान उपलब्ध कराता है।

“स्पंदन” – दिव्यांग ऑनलाइन पंजीकरण

दिव्यांग नागरिकों के लिए 100% ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की गई है। प्रमाणपत्र, जांच और सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म से उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी जीवन गुणवत्ता में सुधार हो रहा है।

e-निवड – आंगनवाड़ी भर्ती प्रणाली

आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका भर्ती के लिए पूरी तरह डिजिटल प्रक्रिया लागू की गई है। ऑनलाइन आवेदन, मेरिट आधारित चयन और डिजिटल नियुक्ति पत्र से पारदर्शिता बढ़ी है। अब तक 13 भर्तियों में 122 उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जा चुकी है।

पुणे जिला परिषद ने तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और तेज प्रशासन का एक आदर्श मॉडल स्थापित किया है। यह पहल न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभर रही है।

संकलन: जिला सूचना कार्यालय, पुणे

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