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कैंसर रिसर्च को नई दिशा: रसायू कैंसर क्लिनिक और उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

कैंसर रिसर्च को नई दिशा: रसायू कैंसर क्लिनिक और उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के बीच एमओयू

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे। कर्करोग जैसे गंभीर रोग के उपचार में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में पुणे के रसायू कैंसर क्लिनिक तथा उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग हेतु सामंजस्य करार (एमओयू) किया गया है। यह करार हरिद्वार स्थित गुरुकुल परिसर के कैंसर रिसर्च ओपीडी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ।

 

समझौते पर उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. अरुणकुमार त्रिपाठी तथा रसायू लाइफसायंसेस के रिसर्च एवं एज्युकेशन प्रमुख डॉ. अविनाश कदम ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य शोध आधारित आयुर्वेद को कैंसर उपचार की मुख्यधारा से जोड़ना तथा मरीजों को बेहतर उपचार विकल्प उपलब्ध कराना है।

 

इस अवसर पर दोनों संस्थाओं की ओर से हरिद्वार में निःशुल्क कैंसर परामर्श एवं मार्गदर्शन शिविर का आयोजन भी किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों को कैंसर के लक्षण, समय पर जांच, बचाव के उपाय, जीवनशैली में बदलाव और उपलब्ध उपचार पद्धतियों की जानकारी दी।

 

प्रो. डॉ. अरुणकुमार त्रिपाठी ने कहा कि कैंसर जैसे गंभीर रोग में समय पर निदान और उचित उपचार अत्यंत आवश्यक है। आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के समन्वय से कैंसर की रोकथाम और उपचार में महत्वपूर्ण बदलाव संभव हैं।

 

डॉ. अविनाश कदम ने बताया कि आयुर्वेद में कैंसर प्रबंधन के लिए कई प्रभावी और आशाजनक उपचार उपलब्ध हैं, जो मरीजों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि शोध और चिकित्सकीय अनुभव के आधार पर इन उपचार पद्धतियों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता है।

 

कार्यक्रम में गुरुकुल परिसर के निदेशक प्रो. जी. पी. गर्ग सहित प्रो. ओ. पी. सिंह, प्रो. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. देवेश शुक्ला, प्रो. मीना आहुजा, डॉ. राजीव कुमार समेत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ चिकित्सक, शोधकर्ता और अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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