
अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में विवेचना समय-सीमा में पूर्ण करें – कलेक्टर
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:मऊगंज मध्यप्रदेश
मऊगंज . कलेक्टर संजय कुमार जैन की अध्यक्षता में अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि पुलिस विभाग और संबंधित विभागीय अधिकारी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज प्रकरणों में विवेचना समय-सीमा में पूर्ण करें। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए चालान पेश करने में अनावश्यक विलंब न करें। जिन प्रकरणों में दोष सिद्ध हो चुका है या कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, उनमें पीड़ितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करें। न्यायालयों में विचाराधीन पुराने प्रकरणों में शासकीय अधिवक्ता प्रभावी पैरवी करें। पीड़ितों के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए शासन द्वारा संचालित कौशल विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं से उन्हें जोड़ें।
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन और पुलिस का यह सामूहिक उत्तरदायित्व है कि समाज के कमजोर वर्गों में सुरक्षा का भाव बना रहे। एसडीएम और एसडीओपी नियमित रूप से फील्ड स्तर पर फीडबैक लें और सामाजिक समरसता शिविर आयोजित कराएं। बैठक में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई तथा पीड़ित परिवारों को दी जाने वाली सहायता राशि एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति समीक्षा की गई। बैठक में आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा विगत माह की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिस पर समिति के सदस्यों ने संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधार कि लिए सुझाव दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, एडिशनल एसपी विक्रम सिंह, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग नीलकंठ सिंह मरकाम सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।


