
जल संरक्षण में स्वयंसेवी संस्थाओं और आमजनों की भागीदारी सुनिश्चित करें – कमिश्नर
कमिश्नर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग से दिए निर्देश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . कमिश्नर बीएस जामोद की अध्यक्षता में वीडियो कान्फ्रेंसिंग से संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विकास योजनाओं और जनहितकारी कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कमिश्नर ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं और आम जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के तहत शुरू किए गए जल संरक्षण के अधूरे कार्यों को जल्द पूरा किया जाए और प्रत्येक जिले में कम से कम एक ऐसी नदी का चयन किया जाए जहां संरक्षण और साफ-सफाई के कार्य नियमित रूप से किए जा सकें। पेयजल व्यवस्था और कृषि कार्यों की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए सभी बसाहटों में पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बंद पड़ी नल-जल योजनाओं और हैंडपंपों को चालू करने के लिए निरंतर अभियान चलाने की बात कही। इसके साथ ही, समर्थन मूल्य पर गेहूं और अन्य अनाजों के उपार्जन की तैयारियों को लेकर सभी कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया कि वे उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराएं, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण अभियानों की भी समीक्षा की गई। कमिश्नर ने ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के तहत प्राप्त आवेदनों का दो दिनों के भीतर निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए। इसके अलावा, एचपीवी टीकाकरण, कुपोषण नियंत्रण, ‘स्कूल चलें हम’ अभियान, पंचायतों द्वारा बिजली बिलों का भुगतान और नामांतरण-बंटवारा जैसे राजस्व प्रकरणों के निपटारे पर भी चर्चा हुई। बैठक में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर्स, जिला पंचायत सीईओ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

