
गोदा से नर्मदा: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जल यात्रा 2026
अगले 5 सालों में महाराष्ट्र सूखा मुक्त होगा – राधाकृष्ण विखे पाटिल शिरडी पहुंची यात्रा, संगम समारोह में 127 नदियों का पूजन
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान: शिरडी,महाराष्ट्र
शिरडी,। महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री श्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने दावा किया है कि उनकी सरकार द्वारा पानी बचाने के लिये किये जा रहे पुरजोर प्रयासों के चलते राज्य अगले पांच वर्षों में सूखा मुक्त हो जायेगा। इसके लिये उन्होंने महाराष्ट्र की नदियों के संरक्षण पर जोर दिया है।
जल संसाधन मंत्री (गोदावरी और कृष्णा बेसिन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) श्री विखे पाटिल शिरडी में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जल यात्रा 2026 संगम समारोह के दौरान बोल रहे थे। बता दें कि गोदा से नर्मदा तक 25 अप्रैल से त्र्यंबकेश्वर और चोंडी से शुरू हुई पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर जल यात्रा 29 अप्रैल को मध्य प्रदेश के महेश्वर में समाप्त होगी, जिसका पहला पड़ाव शिरडी था।
शिरडी में संगम समारोह के मौके पर श्री विखे पाटिल ने महाराष्ट्र की 127 नदियों की जल पूजा की। इस मौके पर विखे पाटिल ने कहा कि राज्य में नदियों को बचाना जरूरी है। इतिहास और संस्कृति की विरासत को बचाने का काम इस अहिल्यादेवी जल यात्रा के जरिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारा जल संरक्षण पूरा प्रयास है जिसके जरिय अगले 5 सालों में महाराष्ट्र सूखा-मुक्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि गोदावरी से नर्मदा तक की जल यात्रा के दौरान, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के कार्यों को जनमानस तक लाने और उनके जीवन के आदर्श को राज्य और देश तक पहुंचाया जाएगा।
इस मौके पर किसान नेता माननीय सदाभाऊ खोत, विधायक आशुतोष काले, किरण लहमटे, और गोपीचंद पडलकर मौजूद थे। पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर जल यात्रा के आगमन के स्वागत में, शिरडी में एक मनोरंजक कार्यक्रम ‘द फोक आख्यान’ लाइव पेश किया गया। शिरडी के लोगों ने इसका खूब आनंद लिया।

गौरतलब है कि पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी जल यात्रा का शुभारंभ त्र्यंबकेश्वर में मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने किया था जबकि चोंडी में उप मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और श्रीमती सुनेत्रा पवार ने इसका उद्घाटन किया। अहिल्यादेवी के विचार, विरासत और विकास के तीन सूत्रीय मंत्र के साथ, यह यात्रा राज्य से महेश्वर तक जाएगी। ‘गोदा से नर्मदा’ कार्यक्रम का आयोजन राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा किया गया है जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की विभिन्न नदियों के महत्व और जल संरक्षण के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करना है।



