पूणेमहाराष्ट्रराजनीति

हाथभट्टी की शराब पर स्थायी रोक जरूरी – केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले

हाथभट्टी की शराब पर स्थायी रोक जरूरी – केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान: पुणे ,महाराष्ट्र

पुणे। केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा है कि राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में खुलेआम बिकने वाली हाथभट्टी की शराब अत्यंत घातक है। इस अवैध और जहरीली शराब पर स्थायी रूप से रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में रासायनिक मिश्रण वाली जहरीली शराब पीने से 22 लोगों की मौत हो गई थी। आठवले ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से पांच लाख रुपये तथा नगर निगम की ओर से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। परिजनों ने मृतकों के आश्रितों को नौकरी देने की मांग भी की है, जिस संबंध में नगर आयुक्त से चर्चा की गई है।

इसके बाद आयोजित पत्रकार वार्ता में आठवले ने कहा कि मध्य-पूर्व में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक आर्थिक संकट उत्पन्न हुआ है। इस संकट के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार को मजबूरी में ईंधन की कीमतों में वृद्धि करनी पड़ी, जिससे महंगाई बढ़ी है और आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि युद्ध समाप्त होने के बाद ईंधन की कीमतों में कमी आएगी और महंगाई पर भी नियंत्रण होगा।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “महंगाई मैन” कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विकास के प्रतीक हैं और देश की शान हैं।

अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि कुछ जातियां इसके पक्ष में हैं तो कुछ विरोध में। रिपब्लिकन पार्टी की स्पष्ट राय है कि वर्ष 2027 की जनगणना के आधार पर अनुसूचित जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए।

मराठा आरक्षण आंदोलन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि मनोज जरांगे पाटिल द्वारा अनशन समाप्त किए जाने का स्वागत किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा राज्य सरकार मराठा आरक्षण के पक्ष में हैं। केंद्र सरकार ने मराठा समाज को 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण दिया है और राज्य सरकार को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन मराठा परिवारों के पास कुणबी प्रमाण हैं, उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के तहत आरक्षण देने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पूरे मराठा समाज को ओबीसी आरक्षण देने का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय में टिक नहीं पाएगा।

रिपब्लिकन पार्टी को सत्ता में उचित भागीदारी मिले

आठवले ने कहा कि संख्या बल कम होने के कारण रिपब्लिकन पार्टी ने विधान परिषद चुनाव के लिए दावा नहीं किया था, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा पहले पार्टी को एक सीट देने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में होने वाले चुनावों में पार्टी को प्रतिनिधित्व मिलेगा। साथ ही उन्होंने दो सरकारी निगमों के अध्यक्ष पद भी पार्टी को दिए जाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी भले ही छोटी पार्टी हो, लेकिन वह महायुति की सहयोगी है, इसलिए उसे सत्ता में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button