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तोशिबा ने पावरग्रिड को 132 केवी सिस्टम की डिलीवरी के साथ अपने स्वदेशी मोबाइल जीआईएस (एम-जीआईएस) पोर्टफोलियो का विस्तार किया

तोशिबा ने पावरग्रिड को 132 केवी सिस्टम की डिलीवरी के साथ अपने स्वदेशी मोबाइल जीआईएस (एम-जीआईएस) पोर्टफोलियो का विस्तार किया

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र 

पुणे : भारत के पहले 220 केवी एम-जीआईएस सिस्टम की सफल लॉन्च के बाद अपने स्वदेशी एम-जीआईएस पोर्टफोलियो का और विस्तार करते हुए, तोशिबा ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड (टीटीडीआई) ने आज पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) को अपने स्वदेशी रूप से विकसित 132 केवी एम-जीआईएस सिस्टम की सफल डिलीवरी की घोषणा की।

 

132 केवी एम-जीआईएस सिस्टम का विकास और डिलीवरी, भारत में स्वदेशी मोबाइल उच्च-वोल्टेज समाधानों के पोर्टफोलियो को और विस्तृत करने के टीटीडीआई के निरंतर प्रयासों में एक और बड़ी उपलब्धि है। पावरग्रिड की विशेष ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए की गई यह आपूर्ति, भारत की ग्रिड आधुनिकीकरण, सुदृढ़ता और स्वदेशीकरण की दिशा में जारी यात्रा को भी नई गति देती है।

 

इस उपलब्धि पर टीटीडीआई के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री हिरोशी फुरुता ने कहा, “हमें पावरग्रिड को स्वदेशी 132 केवी एम-जीआईएस सिस्टम की डिलीवरी के साथ अपने एम-जीआईएस पोर्टफोलियो का और विस्तार करते देख बेहद खुशी हो रही है। कुछ महीने पहले भारत के पहले स्वदेशी 220 केवी एम-जीआईएस सिस्टम की सफल डिलीवरी के तुरंत बाद यह अगला कदम उठाया गया है। यह कॉम्पैक्ट और अत्यधिक गतिशील समाधान पूरी तरह भारत में ही विकसित और इंजीनियर किया गया है, जो सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें तोशिबा की उन्नत प्रौद्योगिकी और स्थानीय इंजीनियरिंग क्षमताओं का भरपूर उपयोग किया गया है, साथ ही पावरग्रिड की कड़ी तकनीकी और परिचालन आवश्यकताओं को भी पूरी तरह पूरा किया गया है। जैसे-जैसे भारत का ट्रांसमिशन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, टीटीडीआई अनुकूलित और उच्च-प्रदर्शन वाले समाधान देता रहेगा, जो ग्रिड की उपलब्धता और सुदृढ़ता को और मजबूत बनाएंगे।”

 

132 केवी एम-जीआईएस सिस्टम को टीटीडीआई ने तोशिबा की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, प्रौद्योगिकी और भारत में मौजूद स्थानीय विनिर्माण क्षमताओं का उपयोग करते हुए विकसित किया है। इसमें पावरग्रिड की उत्पाद-विशिष्टताओं के साथ-साथ तकनीकी, गुणवत्ता, परिचालन और सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यकताओं को भी पूरी तरह शामिल किया गया है।

 

चुनौतीपूर्ण क्षेत्रीय परिस्थितियों में भी भरोसेमंद तरीके से काम करने के लिए तैयार यह सिस्टम, एक मानकीकृत “कनेक्ट–ऑपरेट–डिस्कनेक्ट–रीडिप्लॉय” (जोड़ो, चलाओ, हटाओ, फिर तैनात करो) कॉन्फिगरेशन पर आधारित है, जो पूरे ग्रिड में फुर्ती और परिचालन लचीलेपन को काफी हद तक बढ़ाता है।

 

अपने सघन आकार और मॉड्यूलर संरचना के साथ यह सिस्टम, उच्च-घनत्व वाले परिवेशों और निरंतर विस्तार पा रहे ट्रांसमिशन इकोसिस्टम में तेजी से तैनाती के लिए पूरी तरह अनुकूलित है। इसे मानक ट्रांसपोर्ट ट्रेलरों पर आसानी से फिट होने, यांत्रिक कंपन और परिवहन के दबावों को सहने, जरूरी विद्युतीय दूरियां बनाए रखने और लाइव प्रोजेक्ट साइट्स पर सहज एकीकरण के लिए इंजीनियर किया गया है।

 

इन सब खूबियों के चलते 132 केवी एम-जीआईएस सिस्टम, बिजली वितरण कंपनियों, नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स, आपदा-प्रतिक्रिया दलों और उन ट्रांसमिशन ऑपरेटर्स के लिए एक अत्यंत भरोसेमंद और उपयोगी संसाधन बन जाता है, जिन्हें तेजी से सक्रिय होने वाले मोबाइल पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है।

 

भारत के पहले 220 केवी एम-जीआईएस सिस्टम और अब 132 केवी मॉडल की पावरग्रिड को सफल डिलीवरी के बाद, टीटीडीआई फिलहाल अपने स्वदेशी 400 केवी एम-जीआईएस सिस्टम की इंजीनियरिंग के उन्नत चरण में काम कर रही है, जिसकी डिलीवरी इसी वर्ष के उत्तरार्ध में होने की उम्मीद है।

 

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