
वास्तूरचनाशास्त्र में 13 वर्षों में 25 पीएच.डी. शोधकर्ताओं का पड़ाव पूर्ण
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे, : महर्षी कर्वे स्त्री शिक्षण संस्था के डॉ. भानूबेन नानावटी कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर फॉर वूमेनमधील (बीएनसीए) के पीएच.डी. (विद्यावाचस्पती) संशोधन केंद्र ने पिछले 13 वर्षों में वास्तूरचनाशास्त्र (आर्किटेक्चर) के 25 शोधकर्ताओं का सफलतापूर्वक मार्गदर्शन कर उन्हें पीएच.डी.पदवी प्राप्त कराने का रौप्यमहोत्सवी पड़ाव हासिल किया है. वास्तूरचनाशास्त्र क्षेत्र में यह एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है. इस अवसर पर सभी डॉक्टरेट पदवीधारकों की उपस्थिति में आयोजित एक विशेष स्नेह सम्मेलन में उनके शोध कार्यों पर आधारित तैयार किए गए दस्तावेज का भी प्रकाशन किया जाएगा. ५ जून २०२६ को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कर्वेनगर स्थित महर्षी कर्वे स्त्रीशिक्षण केंद्र परिसर के आईएसडीएस सभागृह में सुबह 11 बजे सभी पीएच.डी. पदवीधारकों, उनके मार्गदर्शकों, शिक्षणतज्ज्ञ तथा अन्य संशोधक की उपस्थिति में एक विशेष स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया है. कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले पुणे विद्यापीठ के विज्ञान एवं तंत्रज्ञान विद्याशाखा के अधिष्ठाता डॉ. रावसाहेब लटपटे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. उनकी मौजूदगी में ‘शोध प्रबंध सार-संहिताओं के संकलित संग्रह’ स्वरूप प्रकाशित पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा. यह जानकारी पत्रकार परिषद् में बीएनसीए के प्राचार्य डॉ. अनुराग कश्यप, प्रा. डॉ. वसुधा गोखले और बीएनसीए पीएच.डी. संशोधन केंद्र की समन्वयक व संशोधन मार्गदर्शक प्रा. डॉ. मीरा शिरोळकर इन्होने दी.



