पूणेमहाराष्ट्रराजनीति

बोपोडी का ऐतिहासिक हजरत शमसुद्दीन दरगाह ध्वस्त करने पर विवाद, उपमहापौर ने प्रशासन को घेरा

बोपोडी का ऐतिहासिक हजरत शमसुद्दीन दरगाह ध्वस्त करने पर विवाद, उपमहापौर ने प्रशासन को घेरा

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे महाराष्ट्र

पुणे प्रतिनिधि। पुणे-मुंबई पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बोपोडी के ऐतिहासिक हजरत शमसुद्दीन दरगाह को नगर निगम प्रशासन द्वारा बिना उचित कारण, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किए बिना ध्वस्त किए जाने का आरोप उपमहापौर एवं स्थानीय नगरसेवक परशुराम वाडेकर ने लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मुद्दे को नगर निगम की सामान्य सभा में उठाकर प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा।

पत्रकार परिषद में वाडेकर ने कहा कि यह दरगाह पिछले लगभग 150 वर्षों से अस्तित्व में थी और इसे राज्य सरकार द्वारा ‘ए’ श्रेणी का दर्जा प्राप्त था। उन्होंने दावा किया कि मेट्रो परियोजना या सड़क चौड़ीकरण के कार्य में इस दरगाह से कोई बाधा नहीं थी। साथ ही, इस संबंध में किसी स्थानीय नागरिक या जनप्रतिनिधि की ओर से कोई शिकायत भी नहीं की गई थी।

वाडेकर के अनुसार, यह दरगाह क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मानी जाती थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर अन्यायपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि शिवशंकर स्वामी नामक एक व्यक्ति दरगाह को हटाने के लिए प्रशासन पर लगातार दबाव बना रहा था।

उन्होंने कहा कि दरगाह ट्रस्ट को पूर्व सूचना दिए बिना, कोई नोटिस जारी किए बिना तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना रात के समय की गई यह कार्रवाई पुणे जैसे सांस्कृतिक शहर की छवि को धूमिल करने वाली है। रिपब्लिकन पार्टी की ओर से इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया जाएगा।

वाडेकर ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी राज्य मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री चंद्रकांत पाटिल को दी है और उन्होंने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत राज्य के अन्य प्रमुख नेताओं का ध्यान भी प्रशासन की इस कथित मनमानी की ओर आकर्षित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button