
हिंदुजा फाउंडेशन ने पुणे के एसआरपीएफ परिसर में जल सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण को दी नई मजबूती
• वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और शहरी वनीकरण के माध्यम से 4,000 से अधिक एसआरपीएफ कर्मियों एवं निवासियों को लाभ
• हिंदुजा फाउंडेशन के प्रमुख ‘जल जीवन’ कार्यक्रम के तहत लागू की गई पहल
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान;पुणे महाराष्ट्र
पुणे, : हिंदुजा समूह की परोपकारी इकाई हिंदुजा फाउंडेशन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पुणे के रामटेकड़ी स्थित राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) ग्रुप-1 परिसर में वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और शहरी वनीकरण पर आधारित एकीकृत पर्यावरणीय पुनर्स्थापन परियोजना के सफल क्रियान्वयन की घोषणा की। यह परियोजना सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल रिसर्च एंड एजुकेशन (सीईआरई) के सहयोग से संचालित की गई।
हिंदुजा फाउंडेशन के प्रमुख ‘जल जीवन’ कार्यक्रम के अंतर्गत, हिंदुजा रिन्यूएबल्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड और गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स इंडिया लिमिटेड के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य परिसर में जल सुरक्षा को मजबूत करना, भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देना, अपशिष्ट जल प्रबंधन में सुधार करना तथा जैव विविधता का संरक्षण करना है। इस परियोजना से सीधे तौर पर 4,000 से अधिक एसआरपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों को लाभ मिल रहा है, वहीं यह आसपास के क्षेत्र की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
इस पहल पर टिप्पणी करते हुए हिंदुजा फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रमन कल्याणकृष्णन ने कहा, “हिंदुजा फाउंडेशन में हमारा मानना है कि पर्यावरणीय स्थिरता को ऐसे समग्र और समुदाय-केंद्रित समाधानों के माध्यम से विकसित किया जाना चाहिए, जो दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करें। एसआरपीएफ ग्रुप-1 परिसर में लागू यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि जल संरक्षण, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और जैव विविधता पुनर्स्थापन को एक साथ जोड़कर शहरी क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र कैसे विकसित किए जा सकते हैं। भूजल पुनर्भरण को सशक्त बनाने, हरित आवरण बढ़ाने और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन को प्रोत्साहित करने के माध्यम से हम न केवल पर्यावरणीय लचीलापन बढ़ा रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक स्वस्थ और टिकाऊ समुदायों के निर्माण में भी योगदान दे रहे हैं।”
परियोजना का मुख्य फोकस तीन क्षेत्रों पर रहा—वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण एवं तालाब पुनर्जीवन, तथा शहरी वनीकरण के माध्यम से जैव विविधता का संरक्षण।
परियोजना की प्रमुख उपलब्धियां और प्रभाव:
• पूरे परिसर में 55 प्रजातियों के 2,400 पौधे लगाए गए, जिनमें 44 स्थानीय (देशज) प्रजातियां शामिल हैं, जिससे दीर्घकालिक पारिस्थितिक संतुलन को मजबूती मिली।
• स्टाफ क्वार्टर की 330 आवासीय इकाइयों के लिए प्राकृतिक अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण प्रणाली विकसित की गई।
• भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 55 वर्षा जल निकासी मार्गों में विशेष हस्तक्षेप किए गए तथा 13 गहरे रिचार्ज पिट बनाए गए।
• 250 मीटर लंबे नाले का पुनर्स्थापन किया गया और 400 वर्गमीटर क्षेत्र में जल अवशोषण ट्रेंच विकसित की गईं।
• तालाब पुनर्जीवन और प्राकृतिक अपशिष्ट जल उपचार के लिए 100 वर्गमीटर का फ्लोटिंग रीड बेड सिस्टम स्थापित किया गया।
• फ्लोटिंग एरेटर, वॉर्टेक्स माइक्रो-एरेशन सिस्टम तथा उपचारित जल के पुनः परिसंचरण हेतु आवश्यक अवसंरचना विकसित की गई।
• लगाए गए पौधों की 100 प्रतिशत जीवित रहने की दर दर्ज की गई, जबकि 1,266 पौधों को वैज्ञानिक निगरानी और कार्बन मूल्यांकन के लिए जियोटैग किया गया।
इस परियोजना ने परिसर में जैव विविधता को भी उल्लेखनीय रूप से समृद्ध किया है। पुनर्जीवित पारिस्थितिकी तंत्र
अब 31 पक्षी प्रजातियों, 15 कीट प्रजातियों, 9



