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तलेगांव दाभाड़े में ‘पीएलएफएस’ एवं ‘एएसयुएसई’ विभागीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

तलेगांव दाभाड़े में ‘पीएलएफएस’ एवं ‘एएसयुएसई’ विभागीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

सांख्यिकीय जानकारी राज्य एवं जिला आय के अनुमान निर्माण में उपयोगी – आयुक्त डॉ. ज्योत्स्ना पडियार

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान: पुणे, महाराष्ट्र 

महाराष्ट्र शासन के अर्थ एवं सांख्यिकी आयुक्तालय, नियोजन विभाग की ओर से पहली बार आयोजित किए जा रहे नियतकालिक श्रमशक्ति सर्वेक्षण (पीएलएफएस) एवं असंगठित क्षेत्र के उद्यमों के वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयुएसई) के क्षेत्रीय कार्य हेतु पुणे एवं कोंकण विभाग में नियुक्त अन्वेषकों एवं पर्यवेक्षकों की विभागीय प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन तलेगांव दाभाड़े स्थित राष्ट्रीय सुगी पश्चात प्रौद्योगिकी संस्थान में अर्थ एवं सांख्यिकी आयुक्तालय की आयुक्त डॉ. ज्योत्स्ना पडियार ने किया।

 

इस अवसर पर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की सहसंचालक डॉ. रुही कुलकर्णी, मुंबई मुख्यालय के सहआयुक्त भीष्म बिरादार, पुणे विभागीय आयुक्त कार्यालय के सहआयुक्त (नियोजन) संजय मरकळे, जिला नियोजन अधिकारी किरण इंदलकर, जिला सांख्यिकी कार्यालय की उप आयुक्त प्रियांका बोकोल, सेवानिवृत्त अतिरिक्त महासंचालक अशोक कुमार टोपराणी तथा इप्सॉस रिसर्च प्रा. लि. की निदेशक तृप्ती शर्मा उपस्थित रहे।

 

डॉ. पडियार ने कहा कि ‘विकसित भारत @ 2047’ के अनुरूप जिला विकास का केंद्र बिंदु है। इसके लिए रोजगार, बेरोजगारी, असंगठित क्षेत्र के उद्यमों की संख्या तथा रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों की विस्तृत सांख्यिकीय जानकारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ये दोनों सर्वेक्षण अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे प्राप्त आंकड़े राज्य एवं जिला आय के अनुमान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा नीति निर्माण में सहायक होंगे।

 

उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि सर्वेक्षण के दौरान एकत्र की जाने वाली जानकारी सटीक एवं विश्वसनीय हो, ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिल सके।

 

डॉ. रुही कुलकर्णी ने कहा कि विकसित भारत @ 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अद्यतन एवं सटीक डेटा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इन सर्वेक्षणों के सफल क्रियान्वयन की मजबूत नींव है।

 

अशोक कुमार टोपराणी ने इन दोनों सर्वेक्षणों को देश की आर्थिक प्रगति के मापन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

 

पाँच दिवसीय (5 से 10 जून) प्रशिक्षण सत्र में इप्सॉस रिसर्च प्रा. लि. मुंबई द्वारा नियुक्त प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को पीएलएफएस सर्वेक्षण के अंतर्गत रोजगार-बेरोजगारी स्थिति, श्रम सहभागिता दर, उद्योग एवं व्यवसायवार रोजगार संरचना तथा एएसयुएसई सर्वेक्षण के अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के उद्यमों की संख्या, स्वरूप, आर्थिक स्थिति, रोजगार, आय-व्यय एवं टैबलेट आधारित डेटा संग्रहण तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

राज्य में कुल 6,828 नमूना इकाइयों का सर्वेक्षण किया जाएगा, जबकि पुणे एवं कोंकण विभाग में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित कुल 2,956 नमूना इकाइयों का सर्वेक्षण 75 अन्वेषकों एवं 28 पर्यवेक्षकों की टीम द्वारा किया जाएगा।

 

कार्यक्रम का प्रास्ताविक कोकण प्रादेशिक कार्यालय के सहआयुक्त जयसिंग मेहेत्रे ने किया तथा आभार प्रदर्शन पुणे प्रादेशिक कार्यालय की प्रभारी सहआयुक्त वृषाली माकर ने किया।

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