
31 अगस्त तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, अवैध जल उपसा पर सख्त कार्रवाई के आदेश
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे।राज्य में अल्प वर्षा की स्थिति तथा धरणों में उपलब्ध जलसाठे को देखते हुए 31 अगस्त 2026 तक नागरिकों को पीने के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध जलस्रोतों का अत्यंत सावधानीपूर्वक उपयोग किया जाए तथा किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।
सिंचन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कृष्णा व गोदावरी लाभक्षेत्र अंतर्गत आने वाले धरणों की जलस्थिति, आगामी मानसून की अनिश्चितता तथा जल प्रबंधन की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में जलसंपदा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, निगमों के कार्यकारी संचालक एवं मुख्य अभियंता उपस्थित रहे।
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के धरणों में कुल उपयोगी जलसाठा लगभग 357.5 टीएमसी (25 प्रतिशत) है, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। कम वर्षा के कारण जलआवक में कमी दर्ज की गई है, जिससे स्थिति को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से पुणे और पिंपरी चिंचवड़ महानगर क्षेत्र के लगभग 85 लाख नागरिकों के लिए 31 अगस्त तक पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक जल आरक्षित रखने के निर्देश दिए। साथ ही मराठवाड़ा, नाशिक और गोदावरी क्षेत्र के जलाशयों का तातडी से आकलन कर प्रत्येक जिले के लिए पृथक जल प्रबंधन कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी तथा टंचाई निवारण एवं जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मंत्री विखे पाटील ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपलब्ध जल का सर्वप्रथम उपयोग पेयजल हेतु किया जाए तथा अवैध जल उपसा रोकने के लिए महसूल, पुलिस एवं जलसंपदा विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जब तक मानसून से पर्याप्त जलआवक नहीं होती, तब तक सभी विभाग समन्वय के साथ जल प्रबंधन सुनिश्चित करें और जनता को निर्बाध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराएं।



