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बुजुर्गों का स्वस्थ रहना समाज की सबसे बड़ी पूंजी है- डॉ शशिराज सेठ

बुजुर्गों का स्वस्थ रहना समाज की सबसे बड़ी पूंजी है- डॉ शशिराज सेठ

बुजुर्गों को दिया योग फॉर हेल्दी एजिंग का संदेश

वृद्धाश्रम में योग शिविर का आयोजन, बुजुर्गों को स्वस्थ जीवन के लिए किया प्रेरित

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश 

औरैया :जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देशानुसार व मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी के मार्गदर्शन में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे योग सप्ताह के अंतर्गत आज वृद्धाश्रम में एक विशेष योग शिविर का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. शशिराज सेठ ने बताया कि सरकार की 365 डेज योग एवं योग फॉर हेल्दी एजिंग की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से इस शिविर का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों को स्वस्थ, सक्रिय एवं तनावमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर योग प्रशिक्षक एवं प्राकृतिक चिकित्सक शशिराज सेठ द्वारा योग फॉर हेल्दी एजिंग विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से बढ़ती उम्र में शरीर लचीला बना रहता है, जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है तथा शरीर का संतुलन बेहतर होता है। साथ ही योग मानसिक शांति प्रदान कर तनाव को कम करता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार लाता है। शिविर में उपस्थित बुजुर्गों को अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम, पवनमुक्तासन सीरीज भाग 1 जैसे सरल एवं प्रभावी अभ्यास के बारे में बताया गया, जिन्हें वे अपनी दैनिक दिनचर्या में आसानी से शामिल कर सकते हैं। इसके साथ ही 365 डेज योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि योग केवल एक दिवस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे पूरे वर्ष अपनाने योग्य जीवनशैली बनाना चाहिए। प्रतिदिन मात्र 20–30 मिनट योग करने से अनेक बीमारियों से बचाव संभव है। योग चिकित्सा के महत्व पर भी चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि योग उच्च रक्तचाप, मधुमेह, घुटनों के दर्द एवं तनाव जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में सहायक है। हालांकि, इसे अपनाने से पूर्व चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित बुजुर्गों ने यह संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन योग करेंगे। संस्था के सचिव डॉ राजवर्धन शुक्ला ने कहा कि, ऐसे योग शिविर बुजुर्गों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इससे न केवल उनका शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मानसिक रूप से भी वे स्वयं को अधिक प्रसन्न एवं ऊर्जावान महसूस करते हैं। हम आयुष विभाग के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त करते हैं और आश्रम में नियमित रूप से योग गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे।

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