
पुणे के मंदिरों को मिलेगी नई पहचान, ‘आदर्श मंदिर प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:पुणे महाराष्ट्र
पुणे। मंदिरों में स्वच्छता, बेहतर प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘नागरिक सोशल फाउंडेशन’ के ‘भक्ति शक्ति’ विभाग की ओर से ‘आदर्श मंदिर प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन किया गया है। इसकी जानकारी फाउंडेशन की ओर से सायली गोडबोले-जोशी ने पत्रकार वार्ता में दी।
इस अवसर पर फाउंडेशन के निदेशक अमेय सप्रे, सीए सर्वेश मेहेंदळे, चंद्रशेखर शिरुडे, पूजा भंडारे तथा सुधीर जोशी उपस्थित रहे।
पत्रकार वार्ता में बताया गया कि पुणे शिक्षा की नगरी होने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और मंदिरों के शहर के रूप में भी प्रसिद्ध है। मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, संस्कार और अनुशासन के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। प्रतियोगिता का उद्देश्य पुराने एवं उपेक्षित मंदिरों को नई पहचान दिलाना, मंदिरों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करना है।
यह प्रतियोगिता 15 जुलाई 2026 से 15 जनवरी 2027 तक आयोजित की जाएगी। इसमें भाग लेना पूरी तरह नि:शुल्क रहेगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मंदिरों को सम्मानचिह्न के साथ नकद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार 31 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 21 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 11 हजार रुपये तथा प्रोत्साहन पुरस्कार 7,500 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
फाउंडेशन ने जिले के अधिक से अधिक मंदिरों से इस प्रतियोगिता में भाग लेकर स्वच्छ, सुव्यवस्थित और आदर्श मंदिर प्रबंधन का उदाहरण प्रस्तुत करने तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है।
प्रतियोगिता से संबंधित अधिक जानकारी एवं पंजीकरण के लिए इच्छुक मंदिर 9970154167 अथवा 9822848287 पर ‘नागरिक सोशल फाउंडेशन’ के ‘भक्ति शक्ति’ विभाग से संपर्क कर सकते हैं।
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