इटावाउत्तर प्रदेशरोजगार

कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर युवाओं को रोजगार दिलाने पर जोर

कौशल विकास योजनाओं से जोड़कर युवाओं को रोजगार दिलाने पर जोर

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा, : जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के नवीन सभागार में जिला कौशल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित कौशल विकास योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा रोजगार एवं स्वरोजगार से संबंधित कार्यों की समीक्षा की गई।

 

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि डिस्ट्रिक्ट स्किल डेवलपमेंट प्लान (डीएसडीपी) के तहत 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे युवाओं की विभागवार पहचान की जाए, जिन्हें कौशल आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से पात्र युवाओं का विवरण उपलब्ध कराने को कहा, ताकि उन्हें प्रशिक्षण देकर रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

 

उन्होंने कहा कि जीरो पॉवर्टी अभियान के तहत चिन्हित अत्यंत गरीब परिवारों के युवाओं को कौशल विकास योजनाओं से जोड़ना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए विकासखंड स्तर पर विशेष कौशल शिविर आयोजित कर युवाओं का पंजीकरण किया जाए तथा उनकी रुचि के अनुसार रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

 

बैठक में एसएसडीएफ योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं के कार्यों का मूल्यांकन करते हुए कहा कि सही अभ्यर्थियों के चयन से प्रशिक्षण केंद्रों पर युवाओं की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने जिला सेवायोजन अधिकारी को प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से नियमित फीडबैक लेने तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता, रोजगार की स्थिति और कमियों की रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

 

राजकीय प्रशिक्षण संस्थानों की समीक्षा के दौरान जीआईटीआई जसवंतनगर में संचालित ऑटोमोटिव इलेक्ट्रिक व्हीकल असेंबली ऑपरेटर पाठ्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना भी प्रशिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है।

 

उन्होंने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का आधार कुशल मानव संसाधन होता है। तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत बनाकर युवाओं को रोजगार योग्य बनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जीरो पॉवर्टी अभियान के अंतर्गत चिन्हित परिवारों के युवाओं को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़कर उनकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

 

बैठक में जिला सेवायोजन अधिकारी विकास मिश्रा, जिला समाज कल्याण अधिकारी संध्या रानी बघेल, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रदीप कुमार तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button