
‘ऑपरेशन टाइगर’ उद्धव ठाकरे के कर्मों का परिणाम : रामदास आठवले
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान;पुणे महाराष्ट्र
पुणे। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ भारतीय जनता पार्टी या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की वजह से नहीं, बल्कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे के राजनीतिक निर्णयों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ही शिवसेना के प्रमुख नेता हैं और उनके नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए विभिन्न दलों के नेता व कार्यकर्ता शिवसेना में शामिल हो रहे हैं।
पुणे में आयोजित पत्रकार वार्ता में आठवले ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं को साथ नहीं रख सके, जिसके कारण उनकी पार्टी की वर्तमान स्थिति बनी। उन्होंने दावा किया कि यदि ठाकरे ने महाविकास आघाड़ी का गठन नहीं किया होता तो उन्हें आज ऐसी परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
रामदास आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की सलाह दोहराते हुए कहा कि यदि उन्होंने पहले ऐसा किया होता तो वे देश के राष्ट्रपति बन सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शरद पवार ने पहले कांग्रेस में विलय का सुझाव स्वीकार किया होता तो उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना भी बन सकती थी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरद पवार और अजित पवार गुटों के विलय की संभावना अब काफी कम हो गई है। हालांकि, उन्होंने शरद पवार के एनडीए में शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया।
आठवले ने वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे के भाजपा में संभावित प्रवेश पर कहा कि यदि वे वापस आना चाहते हैं तो भाजपा को सकारात्मक विचार करना चाहिए। अयोध्या राम मंदिर में कथित अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम वंचित समाज को न्याय दिलाने के लिए बनाया गया है और इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। इस कानून के नाम पर किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री पद को लेकर उन्होंने कहा कि वर्ष 2029 तक देवेंद्र फडणवीस ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। साथ ही भाषा विवाद पर उन्होंने कहा कि मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए, लेकिन अन्य भाषाओं से द्वेष करना संविधान की भावना के विरुद्ध है। मुंबई जैसे महानगर में हिंदी में भाषण देना गलत नहीं है।
आरक्षण के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण का निर्णय न्यायालय के आदेश के अनुरूप लिया गया है। उन्होंने जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक वंचित वर्ग को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का लाभ मिलना चाहिए।


