
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजनान्तर्गत स्वागतम् लक्ष्मी कार्यक्रम का आयोजन
नवजात बालिकाओं का किया गया सम्मान
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत संचालित स्वागतम् लक्ष्मी कार्यक्रम के अनुक्रम में प्रत्येक माह की भांति इस माह में भी जिला चिकित्सालय बिछिया के प्रसूति वार्ड में नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री नयन सिंह के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रसूति वार्ड में जन्मी नवजात बालिकाओं की माताओं का पुष्पगुच्छ एवं शुभकामनाओं के साथ सम्मान किया गया तथा प्रत्येक नवजात बालिका के लिए स्वच्छता किट भेंट स्वरूप प्रदान की गई। साथ ही बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य एवं समग्र विकास की कामना करते हुए जन्मोत्सव मनाया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित माताओं एवं उनके परिजनों को बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच अपनाने, लिंग समानता को बढ़ावा देने, बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। विभागीय अधिकारियों द्वारा बताया गया कि बेटी केवल परिवार ही नहीं बल्कि समाज एवं राष्ट्र की अमूल्य धरोहर है। उन्हें समान अवसर प्रदान करना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर चिकित्सालय के चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों एवं वार्ड प्रभारी द्वारा भी कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं को शुभकामनाएं दी गईं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस अभिनव पहल की सराहना की। कार्यक्रम में बालिकाओं के सम्मान एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर, रीवा की टीम, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी, चिकित्सालय का समस्त चिकित्सकीय एवं नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बताया गया कि “स्वागतम् लक्ष्मी” कार्यक्रम का उद्देश्य बालिका जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना, कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के प्रति समाज को संवेदनशील बनाना है। विभाग द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम प्रत्येक माह नियमित रूप से आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे बेटियों के प्रति सम्मान और समानता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुँच सके।


