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आषाढ़ी वारी के अवसर पर ‘महिला उन्नति वारी-2026’ अभियान का उरुली कांचन में शुभारंभ

आषाढ़ी वारी के अवसर पर ‘महिला उन्नति वारी-2026’ अभियान का उरुली कांचन में शुभारंभ

 

अधिक से अधिक महिलाएं ‘महिला उन्नति वारी’ अभियान का लाभ लें : महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे

रिपोर्ट :विशाल समाचार 

स्थान:पुणे महाराष्ट्र

पुणे, । आषाढ़ी वारी के अवसर पर महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं, महिला सशक्तिकरण, महिला सुरक्षा तथा महिलाओं के अधिकारों की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से “महिला उन्नति वारी-2026” अभियान का शुभारंभ उरुली कांचन में किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने महिलाओं से अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा स्वास्थ्य जांच अवश्य कराने की अपील की।

महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले, समाज कल्याण समिति के सभापति जितेंद्र बडेकर, सदस्य रुपाली झेंडे, हवेली पंचायत समिति के सभापति युवराज काकड़े, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे, उपसचिव डॉ. पद्मश्री बैनाडे, जिला परिषद के महिला एवं बाल विकास विभाग के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद खंडागळे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी रोहिणी ढवळे सहित जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी सेविकाएं, स्वास्थ्य दूत एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।

मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में लगभग 800 वर्षों से आषाढ़ी वारी की परंपरा चली आ रही है, जो राज्य की संत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वारकरी संतों के विचार, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का संदेश पैदल यात्रा के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज और छत्रपति संभाजी महाराज ने भी कठिन परिस्थितियों में वारी की परंपरा को संरक्षण देकर जनता की आस्था का सम्मान किया था।

उन्होंने कहा कि आषाढ़ी वारी में राज्यभर से लाखों महिलाएं भी शामिल होती हैं। उनकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वारी मार्ग पर हिरकणी कक्ष, महिला सशक्तिकरण केंद्र, स्वच्छ शौचालय, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, स्वास्थ्य कक्ष तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सुविधाओं की जानकारी डिजिटल प्रचार रथों के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाई जाए तथा महिला आयोग महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने का कार्य प्रभावी ढंग से करे।

तटकरे ने कहा कि राज्य सरकार “महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक-2026” के माध्यम से महिला किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र सशक्तिकरण के लिए व्यापक नीति तैयार कर रही है। इस प्रकार की नीति बनाने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य होगा। इसके तहत भूमिहीन महिला किसानों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जिससे वे कृषि से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगी। यह नीति विशेष रूप से विधवा महिला किसानों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी महिला किसान योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़की बहिण योजना का लाभ लाखों महिलाओं को मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में आर्थिक सम्मान और आत्मनिर्भरता आई है। उन्होंने सभी महिलाओं से स्वास्थ्य शिविरों में भाग लेकर कम-से-कम एक बार स्वास्थ्य परीक्षण कराने और अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विधायक श्री कटके ने कहा कि राज्य सरकार, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने वारी के दौरान महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्ट स्वास्थ्य एवं सुविधा व्यवस्था की है। महिलाओं को इसका लाभ लेने के साथ-साथ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्राप्त करनी चाहिए।

जिला परिषद अध्यक्ष वीरधवल जगदाले ने कहा कि “महिला उन्नति वारी” आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व का अनूठा संगम है। यह अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा, अधिकारों के प्रति जागरूकता तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक महिलाओं तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक वारकरियों और नागरिकों से इस अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की सदस्य सचिव नंदिनी आवडे ने बताया कि “महिला उन्नति वारी” के तहत संत तुकाराम महाराज एवं संत ज्ञानेश्वर महाराज की पालखी यात्रा मार्ग पर डिजिटल प्रचार रथों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का संदेश पूरे राज्य में पहुंचाया जाएगा। साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं, विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं तथा महिलाओं से जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि पालखी के पड़ाव स्थलों पर लोककला के माध्यम से महिला सुरक्षा, सामाजिक मुद्दों और सरकारी योजनाओं पर आधारित जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि लाखों वारकरियों और नागरिकों तक महिला आयोग की सेवाएं और सरकारी सुविधाओं की जानकारी पहुंच सके।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री आदिती तटकरे ने महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के दोनों पालखी मार्गों पर जनजागरूकता के लिए तैयार किए गए डिजिटल प्रचार रथों का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन आशीष जराड ने किया, जबकि उपसचिव डॉ. पद्मश्री बैनाडे ने आभार व्यक्त किया।

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