
चलवादी शिक्षण संस्था ने लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे को पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे,। वंचित, शोषित और मजदूर वर्ग के अधिकारों के लिए अपनी लेखनी और लोकशाहिरी के माध्यम से संघर्ष की मशाल जलाने वाले लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे की पुण्यतिथि पर चलवादी शिक्षण संस्था द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बहुजन नेता डॉ. हुलगेश चलवादी ने अन्नाभाऊ साठे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम के दौरान येरवडा स्थित अन्नाभाऊ साठे सांस्कृतिक भवन परिसर में स्थापित उनकी पूर्णाकृति प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया गया। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता अनिल त्रिपाठी और स्वप्निल शिर्के सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
डॉ. हुलगेश चलवादी ने कहा कि अन्नाभाऊ साठे केवल एक साहित्यकार नहीं थे, बल्कि शोषित और वंचित समाज की आवाज़ थे। संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में उनकी लोकशाहिरी ने समाज में जागरूकता पैदा करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। उनका साहित्य आज भी समाज के अंतिम व्यक्ति को संघर्ष, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय की प्रेरणा देता है।
उन्होंने अनुसूचित जातियों के उपवर्गीकरण के मुद्दे पर कहा कि आपसी मतभेदों को भुलाकर संवाद के माध्यम से समाधान निकालना समय की आवश्यकता है। आंतरिक विवादों से बहुजन समाज और उसके अधिकार कमजोर होते हैं। समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सभी को वैचारिक मतभेद भुलाकर एकजुट रहना चाहिए।
डॉ. चलवादी ने कहा कि अन्नाभाऊ साठे के समानता, सामाजिक न्याय और मानवता के संदेश पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में बहुजन समाज, मजदूरों और वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने तथा उनके न्यायोचित अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प भी लिया गया।



