
एट्रोसिटी मामलों में दोषसिद्धि बढ़ाने के निर्देश स्वागतयोग्य : डॉ. हुलगेश चलवादी
आरपीआई पीड़ितों के साथ हमेशा मजबूती से खड़ी है
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान: पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. हुलगेश चलवादी ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में दोषसिद्धि की दर बढ़ाने, फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना, जांच प्रक्रिया में सुधार तथा गवाहों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा राज्य स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में दिए गए निर्देशों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले के नेतृत्व में आरपीआई हमेशा पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ी है।
डॉ. चलवादी ने कहा कि एट्रोसिटी कानून का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकना और पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना है। दोषसिद्धि की दर बढ़ाने के लिए सरकारी अधिवक्ताओं की प्रभावी पैरवी, जांच अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण, गवाहों की सुरक्षा व्यवस्था तथा फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना जैसे कदम न्याय व्यवस्था और शासन के प्रति आमजन का विश्वास और अधिक मजबूत करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में एट्रोसिटी अधिनियम के तहत अधिक मामले दर्ज होते हैं, वहां की स्थिति का गहन अध्ययन कर प्रभावी रोकथाम के उपाय किए जाने चाहिए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सामाजिक न्याय प्रभावित न हो और किसी भी व्यक्ति के संवैधानिक एवं मौलिक अधिकारों का हनन न हो। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देश पीड़ितों में विश्वास पैदा करने वाले हैं।
डॉ. चलवादी ने कहा कि एट्रोसिटी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पुलिस, प्रशासन, सरकारी अधिवक्ताओं तथा संबंधित सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री द्वारा उठाए गए यह कदम राज्यभर में प्रभावी रूप से लागू होंगे और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त करेंगे।


