
नगरीय निकाय के जनप्रतिनिधियों की एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला संपन्न
रिपोर्ट: विशाल समाचार
स्थान:रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा फीडबैक फाउंडेशन द्वारा संभाग के सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों की एक दिवसीय क्षमतावर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने कहा कि नगरों की साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था नगरीय निकायों की प्रमुख जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए नगरीय निकाय के प्रशासनिक तंत्र के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों और आमजनता का भी सहयोग आवश्यक है। सबके सहयोग से ही नगर साफ-सुथरे बनेंगे। पिछले 10 वर्षों में सभी नगरीय निकायों में अधोसंरचना विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। इनमें सड़क निर्माण, सीवर लाइन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, नए पेयजल शोधन संयंत्र तथा टंकियों का निर्माण शामिल है। नगरों में आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर व्यवस्थाएं की जानी चाहिए। नगरीय निकायों के कार्यों में जनप्रतिनिधियों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। कार्यशाला के माध्यम से नगरों की साफ-सफाई, नगरीय विकास के विभिन्न आयामों की जानकारी दी जा रही है। कार्यशाला का आयोजन होटल विजय विलास में किया गया।
कार्यशाला में फीडबैक फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अजय सिन्हा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कचरा प्रबंधन नियम 2026 तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नवीन प्रावधानों की जानकारी देना है। कचरा प्रबंधन नियम 2026 केवल कानूनी प्रावधान नहीं है। यह नागरिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के रिसाइकिल करने तथा वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इस संबंध में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा नगरीय निकायों के लिए 22 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना आवश्यक है। कार्यशाला में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, इलेक्ट्रॉनिक कचरे का संकलन और निपटान, वैज्ञानिक लैंडफिल एवं अपशिष्ट प्रसंस्करण व्यवस्था तथा घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में महापौर नगर निगम सिंगरौली श्रीमती रानी अग्रवाल, डिप्टी कमिश्नर नगर निगम रीवा प्रकाश द्विवेदी, कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन रीवा हरिशंकर मिश्रा तथा संभाग के 32 नगरीय निकायों के नगर परिषद अध्यक्ष एवं पार्षद शामिल
हुए।

