
रंगोली, नुक्कड़ नाटक और ‘वंदे मातरम् में दिखाई देश भक्ति की झलक’
सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’ का शुभारंभ
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा द्वारा देशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान-2026’, ‘सेवा ही संस्कृति’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘सेवा ही संस्कृति’ विषय पर आधारित इस अभियान का उद्देश्य समाज में सेवा, स्वच्छता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक जागरूकता की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति को समर्पित है।
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (SCZCC), नागपुर की निदेशक श्रीमती आस्था कार्लेकर ने बताया कि अभियान के तहत महाराष्ट्र के साथ ही छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और कर्नाटक में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में रंगोली निर्माण एवं प्रदर्शनी, नुक्कड़ नाटक और राष्ट्रभक्ति गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण है।
‘सेवा ही संस्कृति’ कार्यक्रम के अंतर्गत आर्मी पब्लिक स्कूल, देहू रोड की कक्षा 11 वीं के 16 विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। वंदे मातरम् से कार्यक्रम की समाप्ती की गई| इसके साथ ही दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, नागपुर और संस्कार भारती पश्चिम प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेवा ही संस्कृति’ की संकल्पना पर आधारित ‘वंदे मातरम् – पूर्वांचल छात्र’ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्वांचल के छात्रों ने सामूहिक रूप से संपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का प्रभावी गायन किया।
कार्यक्रम के अवसर पर ‘सेवा ही संस्कृति रंगोली प्रदर्शनी’ भी आयोजित की गई। कला साधक शीतल कांबले, आशा गभाले, छाया गायकवाड़, आसावरी बर्वे और अनिता रोकड़े द्वारा बनाई गई रंगोलियों का प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शनी में रंगोली के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्र भावना, सेवा, स्वच्छता और सामाजिक एकता का संदेश दिया गया।
इस दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी भारतीय संस्कृति, स्वच्छता और सेवा भावना का संदेश प्रस्तुत किया गया। नाटक में संजय चांदगुडे, लीना आढाव, मंदार फाकटकर, गणेश आढाव, आसावरी बर्वे और शोभा पवार ने भाग लिया। नाटक का निर्देशन उपाध्यक्ष नरेंद्र आमले ने किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि ‘सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।’ कला, संस्कृति और सेवा भावना के सुंदर संगम से आयोजित इस कार्यक्रम को उपस्थित लोगों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।
इस अवसर पर तात्या बापट समिति की वैशाली ताई आठल्ये, राजेंद्र दादा काकडे, वरिष्ठ कला साधक रोहिणी जोशी और सुनीता जुन्नरकर ने उपस्थित होकर सहभागी कला साधकों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम में संस्कार भारती पश्चिम प्रांत, पिंपरी-चिंचवड़ समिति के अध्यक्ष डॉ. नंदकिशोर कपोते, सचिव लीना आढाव, उपाध्यक्ष प्रफुल्ल भिष्णूरकर एवं नरेंद्र आमले, कोषाध्यक्ष प्रचिती भिष्णूरकर, मंचीय कला संयोजक भावना सामंत, नाट्य विधा संयोजक संजय चांदगुडे, सहसचिव आसावरी बर्वे, रंगोली विधा प्रमुख अनिता रोकड़े, बाल विधा प्रमुख रती देशमुख, संपर्क प्रमुख गणेश आढाव, शोभा पवार सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कला साधक उपस्थित थे।


