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तमिलनाडु के तंजावर में 23 सितंबर को होगा दक्षिण भारत का पहला मराठी साहित्य सम्मेलन

तमिलनाडु के तंजावर में 23 सितंबर को होगा दक्षिण भारत का पहला मराठी साहित्य सम्मेलन

सरफोजीराजे (द्वितीय) मराठी साहित्य सम्मेलन में पूरे भारत से जुटेंगे साहित्यकार

 

डॉ. शरद गोरे की अध्यक्षता में होगा ऐतिहासिक मराठी साहित्य सम्मेलन

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे, । अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद के आयोजन में सरफोजीराजे (द्वितीय) मराठी साहित्य सम्मेलन बुधवार, 23 सितंबर को तमिलनाडु के तंजावर में आयोजित किया जा रहा है। तंजावर शहर में आयोजित होने वाला यह दक्षिण भारत का पहला मराठी साहित्य सम्मेलन है, जिसमें देशभर से मराठी साहित्यकार शामिल होंगे।

 

तंजावर की ऐतिहासिक धरती पर आयोजित इस सम्मेलन के माध्यम से मराठी और तमिल भाषा को जोड़ते हुए साहित्य, कला और संस्कृति का जागर किया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के भाई व्यंकोजीराजे भोसले ने तंजावर में दक्षिण के मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। इसके बाद सरफोजीराजे भोसले (द्वितीय) ने तंजावर को दक्षिण भारत में मराठी संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनाया। साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए इस सम्मेलन का नाम सरफोजीराजे के नाम पर रखा गया है।

 

23 सितंबर को सम्मेलन की शुरुआत दोपहर 3:30 बजे ग्रंथ दिंडी से होगी। श्रीमंत छत्रपति सरफोजीराजे भोसले स्मारक, कलादालन, राजमहल परिसर से यह दिंडी निकलेगी। मराठी साहित्य परिषद के राष्ट्रीय विश्वस्त ज्ञानेश्वर पतंगे दिंडी का पूजन करेंगे। इस अवसर पर अश्विनी भगत, पल्लवीताई गोरे, सुधीर चव्हाण और रंजना भोईटे प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।

 

इसके बाद शाम 4 बजे तंजावर स्थित बृहदेश्वर मंदिर के समीप ‘पेथनन कलैयारंगम सभागृह’ में सम्मेलन का उद्घाटन तंजावर संस्थान के प्रमुख श्रीमंत छत्रपति बाबाजीराजे भोसले के हाथों होगा। ऐतिहासिक सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. शरद गोरे करेंगे।

 

इस अवसर पर सम्मेलन के निमंत्रक एवं तमिलनाडु प्रदेशाध्यक्ष युवराज संभाजीराजे भोसले तथा महाराष्ट्र के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री एवं सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष प्रा. डॉ. लक्ष्मणराव ढोबले उपस्थित रहेंगे। विशेष अतिथियों में अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शुभांगीताई काळभोर, कर्नाटक प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र पाटील, उद्यमी आप्पासाहेब गुरव और कोल्हापुर विभागीय अध्यक्ष विकास भोसले सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहेंगे।

 

उद्घाटन सत्र के बाद शाम 6 बजे परिसंवाद आयोजित होगा। सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. दीप्ती पाटील की अध्यक्षता में होने वाले परिसंवाद में आंध्र प्रदेश के व्यंकट सोमाजी, महाराष्ट्र के विक्रम शिंदे, दिल्ली के अजय श्रीखंडे और पश्चिम महाराष्ट्र के महादेव पवार सहभागी होंगे।

 

शाम 6:30 बजे सुप्रसिद्ध कवि रमेश रेडेकर (पुणे) की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन होगा। इसमें अजय खडसे, अशोक थोरात, मीना महामुनी, सूर्यकांत नामुगडे, किशोर टिळेकर और सुवर्णा वाघमारे सहित साहित्यकार उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार सूर्यकांत नामुगडे के काव्य संग्रह ‘सावल्या’ का विमोचन भी किया जाएगा।

 

कवि सम्मेलन में शिवसंत संजय मोरे (बेळगाव), मुकेश सरदार (चिखलदरा), प्रमोद काकडे (अमरावती), माणिक गोडसे (नाशिक), व्यं. कृ. पाटील (बेळगाव), पार्वती चव्हाण (खोपोली), भास्कर भोसले (पुणे), आरती सोनवणे (नाशिक), रामदास बिर्जे (चंदगड), अमोल कुंभार (पुणे), आप्पा फुले (अकलूज), जयश्री नांदे (पुणे), रवी चापके (पुसद), विजया पाटील (कराड), राजेंद्र फंड (शिर्डी) और संगीता लंघे (पुणे) सहित अनेक कवि सहभागी होंगे।

 

रात 8 बजे सम्मेलन का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह होगा। अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद के दिल्ली प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट प्रशांत चौधरी, तेलंगाना प्रदेशाध्यक्षा अनुराधा मारचट्टीवर, पंजाब प्रदेशाध्यक्षा पूनम सुलाने, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष विष्णु पाटील और गोवा प्रदेशाध्यक्षा छाया पुसेकर सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

 

इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सरफोजीराजे पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वालों में आरती झोटिंग, डॉ. नंदकुमार राऊत, गणेश आघाव, फुलचंद नागटिळक, प्रार्थना फाउंडेशन, मानसिंग विष्णु जाधव, पंडितराव लोहोकरे, बालकृष्ण अमृतकर, अमोल पाटील, डॉ. आकाश वानखेडे, डॉ. तात्यासाहेब गायकवाड और रत्नप्रभा पाटील शामिल हैं।

 

 

“तंजावर में होने वाले इस मराठी साहित्य सम्मेलन के लिए 21 सितंबर को फुलचंद नागटिळक के आयोजन में सैकड़ों साहित्यकारों और वारकरियों को साथ लेकर ‘पंढरी की वारी, साहित्य सम्मेलन के द्वार’ उपक्रम के अंतर्गत पंढरपुर से सोलापुर तक पैदल ग्रंथ दिंडी निकाली जाएगी। इसके बाद सोलापुर से यह ग्रंथ दिंडी रेल द्वारा संत साहित्य का जागर करते हुए तंजावर साहित्य सम्मेलन स्थल तक पहुंचेगी।

 

मुंबई, पुणे और सोलापुर से सैकड़ों मराठी साहित्यकार रेल के माध्यम से सम्मेलन में शामिल होंगे। चलती रेल में विशेष ‘प्रवासी साहित्ययात्री सम्मेलन’ भी आयोजित होगा, जिसमें स्कूली विद्यार्थियों की लिखी कविताओं का वाचन किया जाएगा। इसके माध्यम से मराठी लोककला, लोकसंस्कृति और अभिजात मराठी भाषा का प्रचार-प्रसार करना ही मुख्य उद्देश्य है।”

 

— विक्रम मालन आप्पासो शिंदे प्रदेश महासचिव, अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद

आयोजक — सरफोजीराजे (द्वितीय) मराठी साहित्य सम्मेलन, तंजावर

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