
बाढ़ बचाव एवं राहत कार्यों की तैयारियां समय से पूरी करें, किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: जिलाधिकारी
रिपोर्ट :विशाल समाचार
स्थान:औरैया उत्तर प्रदेश
औरैया, जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने एवं जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी बृजेश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में बाढ़ बचाव एवं राहत कार्यों की पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को समयबद्ध, समन्वित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए सभी विभाग पूरी गंभीरता के साथ पूर्व तैयारियां पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर शिथिलता अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी तत्परता से सुनिश्चित करे। बैठक में अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ सुरक्षा से संबंधित सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों तथा स्वीकृत टेंडरों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में संभावित रूप से प्रभावित एवं विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए सुरक्षित स्थानों का पूर्व चिन्हांकन करते हुए वहां पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया गया कि पशुओं के लिए चारा-भूसा उपलब्ध कराने हेतु टेंडर प्रक्रिया समय से पूर्ण कर ली जाए। साथ ही पशुओं के सुरक्षित आश्रय स्थलों का चयन करते हुए उनका व्यापक टीकाकरण कराया जाए, जिससे आपदा के दौरान पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि सभी सरकारी चिकित्सालयों एवं स्वास्थ्य केंद्रों पर मौसमजनित बीमारियों से संबंधित आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखा जाए। इसके अतिरिक्त एंटी स्नेक वेनम सहित सभी जीवनरक्षक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में टीकाकरण अभियान, दवा वितरण, फॉगिंग तथा संक्रमण रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि जर्जर एवं कमजोर विद्युत पोलों तथा विद्युत लाइनों का अभियान चलाकर सर्वेक्षण किया जाए तथा आवश्यकतानुसार उन्हें तत्काल बदला जाए। उन्होंने वर्षा एवं आंधी-तूफान के दौरान विद्युत आपूर्ति को यथासंभव निर्बाध बनाए रखने तथा आपात स्थिति में त्वरित मरम्मत दल सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में उपलब्ध नावों एवं प्रशिक्षित गोताखोरों की अद्यतन सूची तैयार की जाए तथा आवश्यकता के अनुरूप पर्याप्त संख्या में अच्छी स्थिति वाली नावों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए कि जनपद के जर्जर विद्यालय भवनों का सर्वेक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को रोका जा सके। वहीं नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिशाषी अधिकारियों को जलभराव रोकने हेतु नालियों की नियमित सफाई, झाड़ियों की कटाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा दवा एवं चूने का नियमित छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संक्रामक एवं मौसमजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए सभी संबंधित विभाग अभी से समुचित तैयारी रखें तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड को निर्देशित किया कि बाढ़ के दौरान छोड़े जाने वाले जल की मात्रा का सटीक आकलन करते हुए संबंधित विभागों से निरंतर समन्वय बनाए रखें। उन्होंने कहा कि पूर्व नियोजित रणनीति, त्वरित सूचना तंत्र एवं प्रभावी राहत एवं बचाव व्यवस्था के माध्यम से किसी भी प्रकार की जनहानि न होने पाए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) अविनाश चन्द्र मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी, परियोजना निदेशक डीआरडीए मनीष कुमार मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी अजीतमल, वरिष्ठ कोषाधिकारी, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमर सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।



