महाराष्ट्रपूणेराजनीति

स्वच्छ लोकतंत्र’ की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त किया जाए : गोपालदादा तिवारी

‘स्वच्छ लोकतंत्र’ की रक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त किया जाए : गोपालदादा तिवारी

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे,। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने मांग की है कि देश में ‘स्वच्छ लोकतंत्र’ की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल बर्खास्त करने की कार्रवाई करे। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में दो चुनाव आयुक्तों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्णयों पर बार-बार लिखित आपत्ति दर्ज कराए जाने की बात सामने आई है।

 

तिवारी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन केंद्रीय अतिरिक्त गृह सचिव रहे ज्ञानेश कुमार, जिन्होंने राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी, को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया और इसके बाद उन्होंने कथित तौर पर एकतरफा एवं संविधान के मूल्यों के विपरीत फैसले लिए। उन्होंने एसआईआर के माध्यम से मनमानी करने और सत्तारूढ़ दल के पक्ष में भूमिका निभाने का भी आरोप लगाया।

 

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के सदस्यों के चयन के लिए बनी समिति से सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद मुख्य न्यायाधीश को हटाकर उनकी जगह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शामिल किया गया। तिवारी ने आरोप लगाया कि इसी व्यवस्था के कारण राजनीतिक दलों में टूट और चुनाव चिह्नों से जुड़े मामलों में एकतरफा फैसले लिए गए।

 

तिवारी ने कहा कि देश की संवैधानिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों और मीडिया में सामने आई रिपोर्टों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव प्रक्रिया और ‘वोट चोरी’ को लेकर लगाए गए आरोपों को पुष्टि मिली है।

 

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए तिवारी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में कांग्रेस-इंडिया गठबंधन को 31 सीटें और भाजपा-महायुति को 17 सीटें मिली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके कुछ ही महीनों बाद हुए विधानसभा चुनाव में करीब 41 लाख मतदाताओं की वृद्धि हुई और शाम 5.30 बजे के बाद मतदान प्रतिशत में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई।

 

तिवारी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की ओर से इन सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिए गए और शाम के बाद के मतदान से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और चुनाव परिणामों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

 

नोट: उपरोक्त खबर में मुख्य चुनाव आयुक्त, चुनाव आयोग और भाजपा से संबंधित आरोप कांग्रेस प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस बयान में नहीं की गई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button