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झारखंड में खात्मे की ओर नक्सली, अब सिर्फ 12; पुलिस ने जारी की लिस्ट

झारखंड में खात्मे की ओर नक्सली, अब सिर्फ 12; पुलिस ने जारी की लिस्ट

रिपोर्ट: विशाल समाचार 

स्थान:  झारखंड 

 

झारखंड में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। लगातार मुठभेड़, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के बाद राज्य में इनामी नक्सलियों की संख्या घटकर महज 12 रह गई है। यह संख्या सीपीआई (माओवादी) के एक

 

झारखंड में नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। लगातार मुठभेड़, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के बाद राज्य में इनामी नक्सलियों की संख्या घटकर महज 12 रह गई है। यह संख्या सीपीआई (माओवादी) के एक सामान्य दस्ते में शामिल करीब 22 सदस्यों से भी कम है। इन 12 नक्सलियों पर 1 करोड़ 79 लाख का इनाम घोषित है।

 

आंकड़े बताते हैं कि एक साल में 49 इनामी नक्सली या तो मारे गए या आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे, जिससे माओवादी संगठन की कमर टूट चुकी है। केंद्र सरकार की 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से मुक्त करने की घोषित डेडलाइन के बाद सुरक्षा बलों का अभियान निर्णायक चरण में है। सारंडा-कोल्हान क्षेत्र में को नक्सल मुक्त माना जा रहा है। झारखंड के बचे अधिकांश नक्सलियों का संबंध बंगाल के जंगलमहल क्षेत्र से रहा है। सचिन, मीता और समीर महतो जैसे नाम पुलिस की पुरानी सूची में भी रहे हैं।

 

 

असीम मंडल बड़ी चुनौती

झारखंड पुलिस ने अपनी इनामी सूची को 6 अगस्त को अपडेट की है। सूची में सबसे बड़ा नाम असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर का है। उसपर एक करोड़ का इनाम है। वह सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय कमेटी सदस्य है। पूरे झारखंड, बिहार और बंगाल में वह एकमात्र सर्वोच्च माओवादी नेता है। असीम का संगठन में जुड़ाव बंगाल के पश्चिम मिदनापुर और झारखंड-बंगाल सीमावर्ती क्षेत्र से हुआ है। वह किशन जी का बेहद करीबी था। नक्सल विरोधी अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के साथ आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के जरिए नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर भी दिया जा रहा है।

 

सीपीआई (माओवादी) के वांटेड इनामी नक्सली

1. असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर (सीसीएम) 1 करोड़

 

2. रामप्रसाद माड़ी उर्फ सचिन मार्डी (आरसीएम) 15 लाख

 

3. निरोको यादव उर्फ इंद्रजीत उर्फ नन्दू उर्फ किशोर (आरसीएम) 10 लाख

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