
पिछले पांच वर्षों में टैंकर से पानी पहुंचाए गए गांवों को जलयुक्त शिवार 3.0 में मिलेगी प्राथमिकता — मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
▪️ जल संरक्षण के काम तत्काल शुरू करने के निर्देश
▪️ चिह्नित परियोजनाओं के लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी
▪️ जल स्रोतों को मजबूत करने के लिए सभी विभाग मिलकर करेंगे योजना
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान मुंबई महाराष्ट्र
मुंबई, : महाराष्ट्र में पिछले पांच वर्षों के दौरान जिन गांवों में पानी की कमी के कारण टैंकर से जलापूर्ति करनी पड़ी है, ऐसे गांवों को जलयुक्त शिवार अभियान 3.0 में प्राथमिकता से शामिल किया जाएगा। इन गांवों में जल संरक्षण से जुड़े कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए।
वर्षा निवास पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मृदा एवं जल संरक्षण प्रबंधन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में चल रहे जल संरक्षण कार्यों, जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण और विभिन्न विभागों के समन्वय से जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज्य के सूक्ष्म जलग्रहण क्षेत्रों के विकास और जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देना आवश्यक है। जिन परियोजनाओं के कार्य निर्धारित किए जा चुके हैं, उनके लिए आवश्यक निधि उपलब्ध कराई जाएगी। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति देने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में जिन गांवों में टैंकर के माध्यम से पानी पहुंचाना पड़ा, ऐसे गांवों का विशेष सर्वेक्षण कराया जाए और उन्हें जलयुक्त शिवार अभियान 3.0 में प्राथमिकता दी जाए।
इन गांवों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और पानी की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण के कार्य निर्धारित किए जाएंगे। जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण से होने वाले सकारात्मक परिणामों को नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जल संरक्षण से जुड़ी सफलता की कहानियां तैयार कर उनका प्रभावी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री के जल विषयक सलाहकार श्रीराम वेदिरे ने मृदा एवं जल संरक्षण प्रबंधन को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान मृदा एवं जल संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ सहित मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



