
ज्ञान-आधारित पीढ़ी बनाने के लिए हमेशा खड़े रहेंगे – पूर्व छात्रों की गूंज
ISB&M द्वारा 2001-2003 बैच के पूर्व छात्रों का स्नेह-मिलन उत्साह के साथ मनाया
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: भविष्य में ज्ञान-आधारित पीढ़ी बनाने के लिए नांदे स्थित इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया (ISB&M) और छात्रों के विकास के लिए हमेशा साथ रहेंगे. यह संकल्प पूर्व छात्रों लिया.
ISB&M द्वारा 2001-2003 बैच के पूर्व छात्रों का स्नेह-मिलन उत्साह के साथ मनाया गया. 25 साल बाद एक साथ आए पूर्व छात्रों ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए संस्था द्वारा उनके व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व गुणों और व्यावसायिक निर्माण में दिए गए योगदान को विशेष रूप से याद किया.
यहाँ पर वर्तमान छात्रों को मार्गदर्शन करते हुए पूर्व छात्रों ने निडरता, निरंतरता, मेहनत और उद्यमशील दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया. भविष्य में रोजगार के अवसरों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन अवसरों की कमी नहीं होगी. इसलिए सिर्फ नौकरी पाने की सोच के बजाय अपने कौशल को विकसित कर व्यवसाय और रोजगार पैदा करने की दिशा में सोचना चाहिए.
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा,
इस बैच के कई लोग बहुराष्ट्रीय कंपनियों, मीडिया क्षेत्र में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं और कुछ ने सफल उद्यमी के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है. उनके अनुभव से वर्तमान छात्रों को निश्चित रूप से प्रेरणा और सही दिशा मिलेगी।”
पूर्व छात्र संदीप बक्षी ने कहां, छात्र जीवन के दौरान संस्था के दरवाजे खोलने से लेकर लैब, लाइब्रेरी चलाने तक की जिम्मेदारी छात्रों पर थी. इसलिए संस्था को अपनी मानकर काम करने और उद्योग खड़ा करने की सीख मिली. यही मेरा पहला ‘स्टार्टअप’ था. आज अपनी कंपनी चलाते हुए उस अनुभव का बहुत लाभ हो रहा हैं.
पूर्व छात्र नीरज कपूर ने कहा, डॉ. प्रमोद कुमार ही हमारे लिए संस्था की पहचान थे. उनके मार्गदर्शन से आत्मविश्वास, नेतृत्व गुण और ‘गो-गेटर’ दृष्टिकोण विकसित हुआ. ‘कभी हार मत मानो’ की उनकी सीख आज भी हर चुनौती का सामना करते समय प्रेरणा देती.
इस मौके पर अमित दिवान, केतन रायकर, संदीप बक्षी, शालू शर्मा, अनिरुद्ध जैन, नीरज कपूर, अर्पणा इंगले सहित संस्था के छात्र उपस्थित थे.



