
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, ISRO-STC पुणे और इंडो साइंस एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से ‘मूनफेस्ट’ का आयोजन
630 छात्रों ने एक साथ आर्यभट्ट उपग्रह की प्रतिकृतियां बनाकर एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया रिकॉर्ड
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे,: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की ‘मूनफेस्ट’ पहल ने “Maximum Paper Satellites Created by Students Simultaneously” की श्रेणी में एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया। पुणे के 40 स्कूलों के 630 छात्रों ने एक साथ भारत के पहले उपग्रह ‘आर्यभट्ट’ की कागज़ी प्रतिकृतियां तैयार कीं।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की परिकल्पना और ISRO-STC पुणे तथा इंडो साइंस एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह पहल राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस, 23 अगस्त 2026 के अवसर पर आयोजित की गई। इसका उद्देश्य भारत की अंतरिक्ष अनुसंधान उपलब्धियों का उत्सव मनाना और अगली पीढ़ी के अंतरिक्ष प्रेमियों को प्रेरित करना था।
‘मूनफेस्ट’ की संकल्पना छात्रों को भारत की प्रेरणादायक अंतरिक्ष यात्रा से परिचित कराने के साथ-साथ उनमें जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। भारत के चंद्रयान मिशनों की सफलता से प्रेरणा लेते हुए, इस पहल ने छात्रों को प्रश्न पूछने, नए विचारों को तलाशने तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के स्टेट हेड – ब्रांच बैंकिंग, पराग पगारे ने कहा, “मूनफेस्ट की परिकल्पना इस उद्देश्य से की गई थी कि भारत की उल्लेखनीय अंतरिक्ष यात्रा को युवा मन से जोड़ा जा सके और उनके लिए इसे एक रोचक एवं यादगार अनुभव बनाया जा सके। आर्यभट्ट की प्रतिकृति तैयार करने, विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने और ISRO के वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत करने का अवसर छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। हमारा मानना है कि बच्चों को सवाल पूछने, खोज करने और कुछ नया बनाने के लिए प्रेरित करने वाले अनुभव उनमें जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हमें खुशी है कि हमने ऐसे आयोजन की परिकल्पना और सहयोग किया, जिसने छात्रों, शिक्षकों और अंतरिक्ष विशेषज्ञों को एक साझा अनुभव के लिए एक साथ लाया।”
पुणे के G. G. Shah English Medium School में आयोजित इस कार्यक्रम में पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़, पुणे जिले, कोंकण और नासिक जिले के छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मोबाइल प्लेनेटेरियम, VR मून वॉक, 3D चंद्रयान फिल्म और टेलीस्कोप सहित अंतरिक्ष यात्रियों के कट-आउट और सेल्फी पॉइंट जैसी कई आकर्षक गतिविधियां शामिल थीं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को अंतरिक्ष और विज्ञान की दुनिया को एक इंटरैक्टिव तरीके से समझने का अवसर मिला।
‘मूनफेस्ट’ का एक प्रमुख आकर्षण छात्रों और ISRO के वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद रहा। वैज्ञानिकों ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, उपग्रह प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों के बारे में छात्रों को जानकारी दी। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों से मिलने और उनसे सीधे बातचीत करने का अनुभव युवा प्रतिभागियों के लिए बेहद उत्साहजनक और प्रेरणादायक रहा।
इस अवसर पर ISRO के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. विष्णु बी. लाल, ISRO Space Technology Cell के निदेशक डॉ. अरविंद शालिग्राम, ISRO के पूर्व वैज्ञानिक सतीश राव, इंडो साइंस एजुकेशन ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष संतोष पिसे, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रतिनिधि तथा एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की निर्णायक डॉ. चित्रा जैन उपस्थित रहीं। डॉ. चित्रा जैन ने रिकॉर्ड बनाने वाली इस उपलब्धि का प्रत्यक्ष निरीक्षण और दस्तावेजीकरण किया।


