
महिला आरक्षण के मुद्दे पर देवेंद्र फडणवीस को कांग्रेस की खुली बहस की चुनौती
‘कांग्रेस को जवाब बाद में दें, पहले जनता और विद्यार्थियों के सवालों का जवाब दें’ : गोपालदादा तिवारी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे। भाजपा की पुणे में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में महाराष्ट्र और पुणे की समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस तथा विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधे जाने को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता गोपालदादा तिवारी ने कहा कि भाजपा नेतृत्व को कांग्रेस और राहुल गांधी पर टिप्पणी करने के बजाय सत्ता का राजधर्म निभाते हुए जनता और विद्यार्थियों के ज्वलंत सवालों का जवाब देना चाहिए।
पत्रकार परिषद में तिवारी ने कहा कि भाजपा को हर जगह केवल राहुल गांधी ही नजर आ रहे हैं। विद्यार्थियों और युवाओं में राहुल गांधी को मिल रहे समर्थन से भाजपा घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाकर विपक्ष पर लगातार हमला करना भाजपा नेतृत्व के ‘भरकटल्याचे लक्षण’ यानी दिशा भटकने का संकेत है।
तिवारी ने पुणे में गणेशोत्सव के दौरान डीजे और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। सरकार को केवल ‘राज्य महोत्सव’ के नाम पर प्रचार करने के बजाय गणेशोत्सव को लेकर स्पष्ट नियमावली और नीति घोषित करनी चाहिए। इसमें स्पीकर, वाद्य पथक, सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए निश्चित समय-सारणी, नियम और आवश्यक रियायतें स्पष्ट की जानी चाहिए।
‘कांग्रेस की विचारधारा पर देश स्वतंत्र हुआ’
गोपालदादा तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी विचारधारा कभी नहीं छोड़ी। कांग्रेस को देश और जनता के सवालों की चिंता है, जबकि भाजपा पर उन्होंने लगातार राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की छवि खराब करने के लिए भाजपा द्वारा कथित रूप से किए गए प्रयासों का असर नहीं हुआ है और युवाओं में राहुल गांधी को बढ़ता समर्थन इसका प्रमाण है।
उन्होंने 2014 से 2024 के राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकसभा में कांग्रेस की सीटें बढ़कर 102 हुईं, जबकि भाजपा की सीटों में कमी आई। महाराष्ट्र में भी महायुति और महाविकास आघाड़ी के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से राजनीतिक जनादेश का ध्यान रखने की अपील की।
महिला आरक्षण पर खुली बहस की चुनौती
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भाजपा द्वारा कांग्रेस पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में तिवारी ने कहा कि कांग्रेस महिला आरक्षण की विरोधी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय स्वराज संस्थाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस को महिला आरक्षण विरोधी बताने वाले दावों पर वे किसी भी मंच पर कांग्रेस के साथ खुली बहस के लिए तैयार रहें। तिवारी ने कहा कि भाजपा को सत्ता बनाए रखने के लिए संसद में अधिक सीटें हासिल करने का प्रयास करना है, लेकिन जनता उसके राजनीतिक उद्देश्य को समझ रही है।
‘जनता के सवालों से सरकार का कोई सरोकार नहीं’
तिवारी ने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं के तथ्यहीन बयान भी प्रमुखता से प्रकाशित हो जाते हैं, लेकिन जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर सरकार का ध्यान नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान दिए गए बयानों का उल्लेख करते हुए भाजपा पर कथनी और करनी में अंतर होने का आरोप लगाया। तिवारी ने कहा कि देश की जनता भाजपा की कथित दोहरी राजनीति को समझ रही है और आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
पत्रकार परिषद में वरिष्ठ कांग्रेसजन सुभाष थोरवे, पुणे शहर युवक कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ अमराळे, एनएसयूआई के सिद्धार्थ जांभुळकर, साहेबराव क्षीरसागर, अनुसूचित जाति विभाग के शहराध्यक्ष कुणाल राजगुरू, सरचिटणीस घनश्याम निकम, नंदकुमार पापळ सहित अन्य उपस्थित थे।



