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BARTI के PhD शोधार्थियों का पुणे में आमरण अनशन स्थगित, अधिकारियों के हाथों जूस पीकर समाप्त किया आंदोलन

BARTI के PhD शोधार्थियों का पुणे में आमरण अनशन स्थगित, अधिकारियों के हाथों जूस पीकर समाप्त किया आंदोलन

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान पुणे महाराष्ट्र 

पुणे: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (BARTI) के PhD शोधार्थियों द्वारा न्यायसंगत और सभी पात्र विद्यार्थियों को फेलोशिप देने की मांग को लेकर पुणे स्थित समाज कल्याण आयुक्त कार्यालय के सामने चलाया जा रहा आमरण अनशन आखिरकार सकारात्मक आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। BARTI की रजिस्ट्रार सुचिता शिंदे और जाति प्रमाणपत्र सत्यापन विभाग के उपायुक्त संजय कदम की मौजूदगी में आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने जूस पीकर अनशन समाप्त किया।

 

पिछले कई दिनों से BARTI के शोधार्थी 30 अक्टूबर 2023 के कथित अन्यायपूर्ण शासन निर्णय को रद्द करने तथा वर्ष 2023, 2024 और 2025 के सभी पात्र शोधार्थियों को बिना पूर्वलक्षी प्रभाव के समान रूप से फेलोशिप देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन की प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर भी गंभीरता से दखल ली गई।

 

नेताओं की मध्यस्थता के बाद सरकार स्तर पर सकारात्मक पहल

 

मुंबई में सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के सरकारी आवास पर आंबेडकराइट स्टूडेंट एसोसिएशन के मार्गदर्शक राहुल डंबाळे और सचिव राहुल नागटिळक के नेतृत्व में विद्यार्थी प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में राहुल डंबाळे और राहुल नागटिळक द्वारा रखे गए कानूनी मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्री की ओर से 30 अक्टूबर 2023 से पहले पंजीकृत 2023 बैच के विद्यार्थियों पर नए नियम पूर्वलक्षी प्रभाव से लागू न करने और 2022 के मानदंडों के अनुसार सभी पात्र विद्यार्थियों को फेलोशिप देने के संबंध में सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया गया।

 

इसी पृष्ठभूमि में BARTI की महानिदेशक दीपा मुधोळ-मुंडे ने भी शासन के प्रधान सचिव को आधिकारिक पत्र भेजकर विद्यार्थियों पर पूर्वलक्षी प्रभाव से अन्याय न करने और SARTHI तथा MAHAJYOTI की तर्ज पर सभी पात्र शोधार्थियों को फेलोशिप मंजूर करने की सिफारिश की है।

 

एकजुटता के साथ अनशन की समाप्ति

 

मंत्रालय और BARTI प्रशासन की ओर से मांगों की पूर्ति के लिए सकारात्मक एवं ठोस कदम उठाए जाने संबंधी आधिकारिक पत्र मिलने के बाद विद्यार्थियों ने फिलहाल आमरण अनशन स्थगित करने का निर्णय लिया।

 

आंदोलन स्थल पर BARTI की रजिस्ट्रार सुचिता शिंदे और अधिकारी संजय कदम ने विद्यार्थियों से मुलाकात की। प्रमुख अनशनकारी शोधार्थी सुरेखा वासनिक, किरण देवकरे और उनके साथियों ने अधिकारियों एवं अन्य मान्यवरों के हाथों नींबू पानी और जूस ग्रहण कर अनशन समाप्त किया।

 

2024 और 2025 के शोधार्थियों के हक के लिए अब मुंबई में आंदोलन

 

पुणे का आमरण अनशन स्थगित होने के बावजूद विद्यार्थियों का पूरा संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। वर्ष 2024 और 2025 के शोधार्थियों की फेलोशिप का मुद्दा जल्द हल कराने के लिए आंबेडकराइट स्टूडेंट एसोसिएशन के मार्गदर्शक राहुल डंबाळे ने अगले आंदोलन की घोषणा की है।

 

2024 और 2025 के विद्यार्थियों की मांगों को मंजूर कराने के लिए 9 सितंबर 2026 से मुंबई के ऐतिहासिक आजाद मैदान में आंदोलन किया जाएगा। 2023 के विद्यार्थियों की तरह 2024 और 2025 के शोधार्थियों को भी पूरा न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया गया।

 

इस अवसर पर डॉ. राहुल ससाने, हर्षवर्धन दवने, प्रवीण खंडारे सहित अन्य मान्यवर उपस्थित थे।

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