
मेहसौल ओवरब्रिज निर्माण की जिलाधिकारी ने की समीक्षा
विहित गुणवत्ता के साथ कार्य में तेजी लाने का निर्देश, मार्च 2027 तक हर हाल में पूर्ण करें सभी शेष कार्य
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान सीतामढ़ी बिहार
अनावश्यक विलंब पर होगी कार्रवाई; जिलाधिकारी ने कहा—“डेडलाइन, डेडलाइन है”
मेहसौल ओवरब्रिज परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति को लेकर आज विमर्श सभा कक्ष में जिलाधिकारी श्री तनय सुल्तानिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की अद्यतन प्रगति, शेष कार्यों, गुणवत्ता, अतिक्रमण, जलजमाव तथा सुरक्षा मानकों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकारी एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्माण कार्य में अपेक्षित तेजी लाई जाए तथा शेष कार्यों को विहित गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप मार्च 2027 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने से आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात की सुविधा मिलेगी और इसके मद्देनजर कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
उन्होंने कार्यकारी एजेंसी को मैनपावर एवं मशीनरी की संख्या बढ़ाकर कार्य की गति तेज करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि निर्माण कार्य की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी तथा एजेंसी द्वारा लगाए गए संसाधनों का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समयसीमा में किसी प्रकार का अनावश्यक विस्तार स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित डेडलाइन का हर हाल में पालन करना होगा।
(रेलवे से जुड़े कार्यों में बेहतर समन्वय के निर्देश)
बैठक में जिलाधिकारी ने रेलवे द्वारा निर्मित किए जा रहे हिस्से की प्रगति की भी जानकारी ली। बताया गया कि रेलवे से जुड़े कार्यों को लेकर लगातार समन्वय एवं लाइजनिंग की जा रही है। निरीक्षण के दौरान प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे से संबंधित तीन स्पैन के अतिरिक्त अन्य आवश्यक कार्यों को सितंबर माह तक पूरा किया जाना है।
जिलाधिकारी ने रेलवे कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्यों की निरंतर समीक्षा करने को कहा।
(प्रत्येक 15 दिन पर देना होगा प्रगति प्रतिवेदन)
जिलाधिकारी ने कार्यकारी एजेंसी को निर्देश दिया कि परियोजना की प्रगति से संबंधित प्रत्येक 15 दिनों का प्रगति प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की उच्चस्तरीय समीक्षा भी लगातार की जा रही है, इसलिए कार्य की वास्तविक प्रगति एवं उपलब्ध संसाधनों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहनी चाहिए।
एजेंसी ने शेष कार्यों को मार्च 2027 तक पूर्ण करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने पुनः निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर विहित गुणवत्ता, तकनीकी मानकों एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि परियोजना की प्रगति में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीडीसी श्वेता भारती, एसडीएम सदर श्री आनंद कुमार, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रीमती अमिता राज, अंचल अधिकारी सदर श्री अंकु गुप्ता, इस कार्य के लिए नामित नोडल पदाधिकारी, डीपीआरओ श्री कमल सिंह, कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि तथा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।



