
सिंबायोसिस में ‘माहेरवाशीण’ उपक्रम का शुभारंभ
सुरक्षित मातृत्व केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी : उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, सुरक्षित मातृत्व केवल स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हर महिला को मातृत्व का सफर भय में नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और सम्मान के साथ तय करने का अवसर मिलना चाहिए। चिकित्सा उपचार के साथ ममता, भावनात्मक सहयोग और सुरक्षित वातावरण भी आवश्यक है। यह बात उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने कही।
सिंबायोसिस विद्यापीठ रुग्णालय एवं संशोधन केंद्र की ओर से शुरू किए गए ‘माहेरवाशीण–मातृत्व सेवा की नई संकल्पना’ उपक्रम का शुभारंभ शनिवार को सिंबायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी कैंपस, लवळे, मुळशी में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के हाथों हुआ। इस अवसर पर विधायक शंकर मांडेकऱ, सिंबायोसिस इंटरनेशनल डीम्ड यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. विद्या येरवडेकर, कुलगुरु डॉ. आर. रमण, प्रोवोस्ट डॉ. राजीव येरवडेकर तथा संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रा. (डॉ.) शां. ब. मुजुमदार सहित अन्य उपस्थित रहे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘माहेर’ यानी मायका ममता, आधार, सुरक्षा और अपनत्व का प्रतीक है। गर्भावस्था से लेकर प्रसव के बाद तक महिला को चिकित्सा सुविधा के साथ भावनात्मक सुरक्षा, पौष्टिक आहार, आराम, परिवार का सहयोग और सम्मान की आवश्यकता होती है। इन्हीं भावनाओं को चिकित्सा सेवा से जोड़ने की संकल्पना ‘माहेरवाशीण’ उपक्रम में की गई है।
उन्होंने कहा कि निरोगी माता से निरोगी परिवार और निरोगी परिवार से सक्षम महाराष्ट्र का निर्माण होता है। ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं तक मातृत्व संबंधी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस उपक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं को विशेष प्रशिक्षण देकर ‘माहेर-दूत’ के रूप में सक्षम करने की योजना है।
सुनेत्रा अजित पवार ने बारामती के महिला अस्पताल का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2015 में वहां इस प्रकार की मातृत्व सेवा की शुरुआत की गई थी। बारामती सहित आसपास के क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं की जांच, सुरक्षित प्रसव तथा माता-बच्चे की देखभाल की जा रही है। अस्पताल में एम्बुलेंस के साथ नाश्ता और दोनों समय का भोजन नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में प्रतिमाह लगभग 400 प्रसव होते हैं और अब तक 49,770 सुरक्षित प्रसव होने की जानकारी उन्होंने दी।
सिंबायोसिस महिला मेडिकल कॉलेज एवं सिंबायोसिस विद्यापीठ रुग्णालय के 900 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल में ‘माहेरवाशीण’ सेवा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई गई है। आर्थिक परेशानी के कारण कोई भी महिला सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवा से वंचित न रहे, यही इस उपक्रम का उद्देश्य है।
उपक्रम की संकल्पना डॉ. राजीव येरवडेकर ने रखी है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिला को अस्पताल में केवल ‘रोगी’ के रूप में नहीं, बल्कि मायके आई बेटी की तरह सम्मान, अपनापन और सुरक्षा प्रदान करना है। यह पहल ‘माहेर अनुभव, माहेर पोषण, माहेर संस्कृति और माहेर बाळंतपणोत्तर देखभाल’ इन चार प्रमुख आधारस्तंभों पर आधारित है।
इस अवसर पर मातृत्व एवं बाल स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों तथा ‘माहेरवाशीण’ उपक्रम की लाभार्थी माताओं का सम्मान किया गया। गर्भवती महिलाओं के लिए तैयार की गई ‘माहेरवाशीण’ सूचना पुस्तिका का विमोचन भी उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के हाथों किया गया।


