
हिंजवड़ी-मान-मारुंजी में सड़क विकास को मिलेगी गति, 1 दिसंबर से शुरू होंगे काम
15 अक्टूबर तक 60 से 70 प्रतिशत भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य : जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
पुणे, । हिंजवड़ी, मान और मारुंजी क्षेत्र में सड़क विकास, यातायात जाम, भू-अधिग्रहण तथा स्थानीय बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क विकास से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा कर 1 दिसंबर से प्रत्यक्ष सड़क निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में विधायक शंकर मांडेकर, पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (पीएमआरडीए) के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी, निवासी उपजिलाधिकारी ज्योति कदम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
छह प्रमुख सड़कों का होगा विकास
हिंजवड़ी आईटी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए छह प्रमुख सड़कों का चयन किया गया है। इन सड़कों के लिए भू-अधिग्रहण, सड़क की रूपरेखा और निविदा प्रक्रिया के लिए सलाहकार नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सड़क निर्माण के लिए जमीन देने वाले किसानों एवं भूमि मालिकों को उनके लिए उपलब्ध लाभों की जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन प्रशासन की ओर से दिया जाएगा। संबंधित किसानों एवं भूमि मालिकों से करीब 60 से 70 प्रतिशत भूमि की सहमति तथा अग्रिम कब्जा उपलब्ध होने के बाद निविदा प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य सड़क विकास कार्यों में अनावश्यक देरी को रोकना है।
भू-अधिग्रहण की 60 से 70 प्रतिशत प्रक्रिया 15 अक्टूबर तक पूरी करने तथा 1 दिसंबर से सड़क निर्माण कार्य शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
किसानों के लिए गांव स्तर पर मार्गदर्शन शिविर
मान, मारुंजी और हिंजवड़ी क्षेत्र के किसानों एवं भूमि मालिकों को भू-अधिग्रहण, हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) नीति, दो किलोमीटर क्षेत्र में आवासीय उपयोग के नियम तथा भूमि देने पर मिलने वाले लाभों की जानकारी देने के लिए गांव स्तर पर मार्गदर्शन शिविर आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासन के अधिकारियों को इन शिविरों में नागरिकों के साथ सीधे संवाद कर उनकी शंकाओं का समाधान करने के निर्देश दिए गए।
दो वैकल्पिक मार्गों की भी होगी जांच
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए छह प्रमुख सड़कों के अलावा दो और वैकल्पिक मार्गों की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। विप्रो चौक, पुनावले-मारुंजी संपर्क मार्ग तथा नहर के किनारे स्थित सड़कों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर आवश्यकता के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
नहर के किनारे अथवा सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र वाली भूमि का सड़क विकास के लिए उपयोग करने संबंधी प्रस्ताव 30 सितंबर तक तैयार कर संबंधित नहर मंडल को मंजूरी के लिए भेजने की योजना है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में आवश्यक अनुमति प्राप्त कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
नदी में नहीं जाने दिया जाएगा सीवेज
बैठक में हिंजवड़ी क्षेत्र में नदी प्रदूषण और सीवेज प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। निर्माण व्यवसायियों एवं आईटी कंपनियों को सीवेज का उचित उपचार सुनिश्चित करने तथा बिना उपचारित पानी को नदी में जाने से रोकने के निर्देश दिए गए।
पीएमआरडीए की ओर से कुछ प्रमुख गांवों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई। प्रदूषण नियंत्रण नियमों का उल्लंघन करने वाले औद्योगिक एवं आवासीय प्रकल्पों के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
यातायात जाम दूर करने पर जोर
भूमकर चौक, रावेत सहित प्रमुख चौराहों और सड़कों पर यातायात जाम की समस्या दूर करने के लिए सड़क चौड़ीकरण, गड्ढों की मरम्मत तथा यातायात में आने वाले अवरोधों को हटाने पर जोर दिया गया।
यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर हल्के वाहनों के लिए आवश्यक मार्ग खुले रखने तथा डामरीकरण के कार्य तत्काल शुरू करने की योजना बनाई गई।
पानी और बुनियादी सुविधाओं की भी समीक्षा
पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका और पीएमआरडीए के बीच पानी की आपूर्ति तथा सड़क चौड़ीकरण के लिए आवश्यक भूमि के मुआवजे से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी डुडी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से लंबित मामलों का समाधान कर बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
पीएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने प्राधिकरण की ओर से चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्यों को गति दी जा रही है तथा सड़क विकास, यातायात व्यवस्था और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारियों के साथ हिंजवड़ी, मान और मारुंजी क्षेत्र के नागरिक भी उपस्थित रहे।



