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सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें

 

 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को अभिभावक स्कूटी/मोटरसाइकिल न चलाने दें, यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन कराएं

 

विद्यालयी बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी महोदय ने दिए कड़े निर्देश

रिपोर्ट विशाल समाचार 

स्थान इटावा उत्तर प्रदेश 

इटावा -जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए दुर्घटनाओं एवं उनसे होने वाली जनहानि को कम करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी महोदय ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को स्कूटी अथवा मोटरसाइकिल चलाने की अनुमति न दें और न ही उन्हें इन वाहनों से असुरक्षित तरीके से विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा यातायात नियमों का पालन कराकर दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जनपद में चिन्हित 14 ब्लैक स्पॉट पर की गई कार्रवाई की पुनः समीक्षा की जाए तथा यह देखा जाए कि कार्रवाई के बाद भी वहां कोई दुर्घटना तो नहीं हुई। जिन स्थानों पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, वहां साइन बोर्ड, चेतावनी बोर्ड, स्पीड लिमिट, हेलमेट एवं अन्य आवश्यक यातायात संकेतक लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर स्थायी एवं प्रभावी सुरक्षात्मक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अगस्त माह में कुल 20 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई, जिसमें नेशनल हाईवे पर 10, एम0डी0आर पर 6 तथा एक्सप्रेसवे पर 2 मौतें हुई हैं। जनवरी 2026 से अब तक जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 202 लोगों की मृत्यु हुई है। जिलाधिकारी महोदय ने दुर्घटना बाहुल्य स्थलों का गहन विश्लेषण कर वहां आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय किए जाने के निर्देश दिए।

उन्होंने एम0डी0आर एवं एन0एच पर होने वाली दुर्घटनाओं का अलग-अलग विश्लेषण कर दुर्घटना के कारणों एवं समय का अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, वहां विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आवश्यकतानुसार पुलिस एवं यातायात कर्मियों की तैनाती की जाए। सीओ ट्रैफिक को निर्देशित किया कि दुर्घटना वाले स्थानों पर नियमित टोका-टोकी एवं जागरूकता अभियान चलाते हुए वाहन चालकों को सतर्क किया जाए। निर्धारित गति सीमा का पालन कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार वाहनों पर उद्घोषणा के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाए।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा कि दुर्घटना वाले मार्गों एवं गांवों को चिन्हित कर वहां विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाए। आसपास के 2-4 गांवों के लोगों को एकत्र कर यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। ग्रामीणों एवं वाहन चालकों को कम गति से वाहन चलाने, हेलमेट पहनने तथा शराब पीकर वाहन न चलाने के लिए जागरूक किया जाए।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि यदि किसी मार्ग पर यह सामने आ रहा है कि एक निश्चित समय में दुर्घटनाएं अधिक हो रही हैं, तो उस अवधि में विशेष पुलिस टीम लगाकर निगरानी एवं चेकिंग कराई जाए। बाइक चालकों की सुरक्षा के लिए मार्ग पर उचित स्थानों पर चेतावनी एवं दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं तथा उन्हें सड़क के किनारे सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं के समय और स्थान का डेटा निकालकर डेटा आधारित कार्ययोजना बनाई जाए, जिससे दुर्घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि एम0डी0आर एवं एन0एच पर होने वाली दुर्घटनाओं के संबंध में संबंधित विभाग विस्तृत डेटा का विश्लेषण कर दुर्घटना के कारणों की पहचान एवं आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हेलमेट का प्रयोग, गति सीमा का पालन, सड़क संकेतक एवं पुलिस की सतर्कता जैसे छोटे-छोटे उपाय भी कई बहुमूल्य जिंदगियों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने बरसात के बाद सड़कों पर उत्पन्न हुए गड्ढों को चिन्हित कर तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराया जाए, ताकि सड़क की खराब स्थिति के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

बैठक में बसों में हो रही जहरखुरानी की घटनाओं को भी गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बस के संचालन से पूर्व चालक/परिचालक द्वारा यात्रियों को उद्घोषणा के माध्यम से जागरूक किया जाए कि किसी अपरिचित व्यक्ति से किसी भी प्रकार की खाने-पीने की वस्तु न लें तथा अपने सामान एवं आसपास बैठे यात्रियों के प्रति सतर्क रहें।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय ने भी निर्देश दिए कि प्रत्येक बस के गंतव्य की ओर रवाना होने से पहले यात्रियों को जहरखुरानी से बचाव के संबंध में आवश्यक सावधानियां बताई जाएं। यात्रियों को विशेष रूप से यह जानकारी दी जाए कि अपरिचित व्यक्ति द्वारा दी गई खाद्य अथवा पेय सामग्री का सेवन न करें।

जिलाधिकारी महोदय ने बस अड्डों की साफ-सफाई एवं बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल चालान एवं कार्रवाई तक सीमित न रहकर जनजागरूकता, बेहतर सड़क व्यवस्था, सुरक्षित यातायात व्यवहार एवं दुर्घटना संभावित स्थानों पर प्रभावी सुरक्षात्मक उपायों के माध्यम से सुनिश्चित की जाए।

बैठक में विद्यालयी बच्चों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी विद्यालयों में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति का अनिवार्य रूप से गठन किया जाए तथा पूर्व में गठित समितियों को सक्रिय करते हुए उनके माध्यम से विद्यालयी वाहनों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों के माध्यम से विद्यालयी वाहनों के सभी चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। इसके साथ ही चालकों के चरित्र सत्यापन एवं मेडिकल फिटनेस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि बच्चों के परिवहन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।

जिलाधिकारी महोदय ने निर्देश दिए कि विद्यालयी बच्चों के परिवहन में प्रयुक्त प्रत्येक वाहन में एक परिचर (Attendant) की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से यदि वाहन में बालिकाओं का परिवहन किया जा रहा है तो परिचर के रूप में महिला परिचर की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। विद्यालय प्रबंधन यह सुनिश्चित करे कि बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने के दौरान वाहन में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों को निर्देशित किया कि वाहनों की फिटनेस, चालक की पात्रता एवं सत्यापन, परिचर की उपलब्धता तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की नियमित जांच कराई जाए। किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यालयी वाहनों का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप हो तथा संबंधित अधिकारी एवं विद्यालय प्रबंधन समय-समय पर वाहनों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करें।

बैठक में आई0ए0एस कोमल पुनिया, सिटी मजिस्ट्रेट राजेन्द्र बहादुर, जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल सिंह, ए0आर0टी0ओ प्रदीप देशमणि, लोक निर्माण विभाग तथा एन0एच0आई के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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