
‘अभ्युदय 2026’ में नवागत विद्यार्थियों को मिला अध्ययन, तथ्य और अनुभव का मंत्र
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान रीवा मध्य प्रदेश
रीवा . माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में नवागत विद्यार्थी प्रबोधन कार्यक्रम ‘अभ्युदय 2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण दुबे, प्रफुल्ल पारे, प्रो. स्मिता मिश्रा सहित मीडिया एवं कम्यूटर विषय के विशेषज्ञ वक्ताओं ने विद्यार्थियों से संवाद किया। कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने विद्यार्थियों को अपने आसपास के समाज और क्षेत्र को जानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विंध्य की ऐतिहासिक विरासत, भरहुत जैसी महत्वपूर्ण धरोहरों और भारतीय इतिहास के संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थी अपने अध्ययन को व्यापक बनाएं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के विद्यार्थी को अपने इतिहास, संस्कृति, कानून और संविधान की जानकारी होनी चाहिए। समाज से जुड़े विषयों पर काम करते समय केवल घटना की जानकारी पर्याप्त नहीं होती, उसके सामाजिक और संवैधानिक संदर्भ को समझना भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पुस्तकें पढ़ने और स्वाध्याय को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण दुबे ने न्यूज़रूम और फील्ड रिपोर्टिंग के अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने कहा कि पत्रकार के लिए लगातार पढ़ना और सीखना जरूरी है। पहले पढ़ें, विषय को समझें, तथ्य जुटाएं और उसके बाद लिखें, बोलें या खबर करें। प्रफुल्ल पारे ने पत्रकारिता में जिज्ञासा और तार्किक दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सवाल पूछना पत्रकार का मूल कौशल है। कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। ‘अभ्युदय 2026’ के प्रथम सत्र के समापन पर रीवा परिसर के निदेशक डॉ. सतेंद्र डहेरिया ने अतिथियों, शिक्षकों, तकनीकी दल, मीडिया सहयोगियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अतिथियों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम का उद्देश्य सार्थक हुआ।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में एडजंक्ट प्रोफेसर जयराम शुक्ला ने पूरे आयोजन की सफलता के लिए कुलगुरु, अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, कर्मचारियों, तकनीकी दल, मीडिया सहयोगियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में श्री शुक्ल ने कहा कि जनसंचार एवं कंप्यूटर विज्ञान के नवागत विद्यार्थियों की सहभागिता से परिसर में संवाद और सीखने के वातावरण को सहज रूप में देखा जा सकता है, अपने वरिष्ठों के अनुभव से विद्यार्थियों की जिज्ञासाएं और मंच पर मिली जिम्मेदारियां ‘अभ्युदय 2026’ आप नए विद्यार्थियों के विश्वविद्यालयी जीवन की शुरुआत के साथ-साथ खुद को तैयार करने का पहला अवसर बना। आप अपने सीखने के क्रम को बरकरार रखें । कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय रीवा परिसर के सभी शिक्षक, कमर्चारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।


