केएफआईएल का वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन, स्टैंडअलोन राजस्व 17% बढ़कर 2,047 करोड़ रुपये और कर पूर्व लाभ 15% बढ़कर 138 करोड़ रुपये रहा
रिपोर्ट विशाल समाचार
स्थान पुणे महाराष्ट्र
किर्लोस्कर फेरस का दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन, राजस्व 17% बढ़कर 2,047 करोड़ रुपये
पीबीटी में 15% की वृद्धि, स्टील और कास्टिंग बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड; पहली छमाही में राजस्व 11% बढ़ा
पुणे, 30 अक्टूबर। किर्लोस्कर फेरस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (केएफआईएल) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज करते हुए अपने राजस्व में सालाना आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि हासिल की है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन राजस्व बढ़कर 2,046.7 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 1,755.3 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का कर पूर्व लाभ (पीबीटी) 15 प्रतिशत बढ़कर 137.8 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी द्वारा घोषित अलेखापरीक्षित वित्तीय परिणामों के अनुसार, दूसरी तिमाही में ब्याज, कर, मूल्यह्रास एवं परिशोधन से पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) 223 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 214.4 करोड़ रुपये से 4 प्रतिशत अधिक है। वहीं, कर पश्चात लाभ (पीएटी) 10 प्रतिशत बढ़कर 97.6 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, ईबीआईटीडीए मार्जिन पिछले वर्ष के 12.2 प्रतिशत से घटकर 10.9 प्रतिशत रहा।
स्टील और कास्टिंग बिक्री में ऐतिहासिक उपलब्धि
दूसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने उत्पादन क्षमता के बेहतर उपयोग के दम पर स्टील और कास्टिंग कारोबार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। कंपनी की स्टील बिक्री 26,606 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। इसके साथ ही कुल कास्टिंग बिक्री पहली बार 50,000 मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई। कंपनी के मुताबिक, बेहतर उत्पादन क्षमता उपयोग ने राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लागत प्रबंधन और विस्तार पर जोर
कंपनी के प्रबंध निदेशक आर.वी. गुमस्ते ने कहा कि कोकिंग कोल की कीमतों में वृद्धि और रुपये के मूल्य में गिरावट जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने प्रभावी लागत प्रबंधन के माध्यम से लाभप्रदता को बनाए रखने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि बाजार में मांग के सकारात्मक संकेतों को देखते हुए कंपनी स्टील और कास्टिंग उत्पादन क्षमता के विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
गुमस्ते के अनुसार, हाल ही में शुरू की गई सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता और प्रमुख विस्तार परियोजनाओं का बेहतर उपयोग कंपनी की लागत प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
पहली छमाही में राजस्व 11 प्रतिशत बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन राजस्व 11 प्रतिशत बढ़कर 3,818.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 3,453.4 करोड़ रुपये था। इस दौरान ईबीआईटीडीए 438.7 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष के 431.3 करोड़ रुपये से 2 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, पहली छमाही में कर पूर्व लाभ 2 प्रतिशत घटकर 242.9 करोड़ रुपये रहा।
विलय के कारण पिछले वर्ष के आंकड़ों में संशोधन
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ओलिवर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड और एडिक्का एनर्जी सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के विलय के चलते पिछले वित्त वर्ष की तुलनात्मक वित्तीय जानकारी को संशोधित कर दोबारा प्रस्तुत किया गया है। विलय योजना के तहत स्थगित कर परिसंपत्ति की मान्यता और उसके उपयोग का प्रभाव भी संबंधित वित्तीय आंकड़ों में शामिल है।

