रीवा

आंगनवाड़ी केन्द्रों में पहुंचे जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व अधिकारी

आंगनवाड़ी केन्द्रों में पहुंचे जनप्रतिनिधि, समाजसेवी व अधिकारी
विधायक त्योंथर व विधायक मऊगंज ने आंगनवाड़ी पहुंचकर बच्चों को बांटे उपहार

रीवा एमपी:एडाप्ट एवं आंगनवाड़ी अभियान का मुख्य उद्देश्य जन भागीदारी से आंगनवाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की मंशानुसार जिले में इस अभियान के तहत आज सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में जनप्रतिनिधि, समाज सेवी व अधिकारी पहुंचे जहां उन्होंने गोद ली हुई आंगनवाड़ी में बच्चों को पोषण किट, फल, उपहार बांटे तथा बच्चों के स्वास्थ्य व उनके रूटीन चेकअप, लंबाई, बजन के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
जिले के अधिकारियों के साथ समाज सेवियों, जनप्रतिनिधियों ने सभी 3434 आंगनवाडि़यों को गोद लिया है तथा इन आंगनवाडि़यों की बेहतर व्यवस्थाओं व बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। गोद ली हुई आंगनवाडि़यों को संबंधितों द्वारा आवश्यक वस्तुएँ प्रदान की गई है साथ ही बच्चों को कापी, पेंसिल, स्लेट, लंचबाक्स, ड्रेस, जूते, खेलकूद सामग्री, दरी, चटाई, पानी की टंकी व अन्य उपहार भी दिये गये।
विधायक त्योंथर श्री श्यामलाल द्विवेदी व विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचकर बच्चों को पोषण किट व उपहार बांटे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत स्वप्निल वानखेड़े द्वारा रायपुर कर्चुलियान ब्लाक के आंगनवाड़ी केन्द्र रामनई क्रमांक 4 का भ्रमण कर चार अति कुपोषित बच्चों के पोषण प्रबंधन हेतु पोषण किट का वितरण भी किया गया। साथ ही आंगनवाड़ी केन्द्र के बाउन्ड्रीबाल का निर्माण तत्काल कराने एवं बिजली कनेक्शन का कार्य, शौचालय मरम्मत आदि कराने के निर्देश संबंधित सरपंच एवं सचिव को दिए गए। इस अभियान में अपर कलेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने भी आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचकर वहाँ की व्यवस्थाएं देखी तथा बच्चों से संवाद किया।
अभियान के तहत अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों ने बच्चों से संवाद भी किया तथा उनके परिजनों को अपने बच्चों का खान-पान सही रखने तथा उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपेक्षा की उल्लेखनीय है कि एडाप्ट एन आंगनवाड़ी कार्यक्रम आंगनवाडि़यों में जनसहयोग से जरूरतों की पूर्ति व कमियों को दूर करने में मददगार हो रहा है। लोगों के इससे जुड़ने से केन्द्रों की बेहतरी के कार्य हो रहे हैं तथा बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने में मदद भी मिल रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय ने बताया कि आगामी दिनों में भी माह में कम से कम दो बार सभी अधिकारी एवं एडाप्ट करने वाले व्यक्ति आंगनवाड़ी में आधारभूत सुविधाओं के प्रयास करेंगे एवं कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में हो रहे सुधार का आंकलन करेंगे।

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