सीतामढ़ी

5 हजार वाला रिश्वतखोर राजस्व विभाग के अधिकारी जयप्रकाश पर कब होगी कार्यवाही… जबाव दो..?

विशाल समाचार सीतामढी बिहार से रिपोर्ट..

5 हजार वाला रिश्वतखोर राजस्व विभाग के अधिकारी जयप्रकाश पर कब होगी कार्यवाही… जबाव दो..?
पत्रकारों के वदसलूकी व मोबाइल किसके दम पर छीडने कर क्लिप डिलीट करने की कोशिश करने वाले पर क्यों नही हो रही कार्यवाही जबाव दो..?

सीतामढी बिहार:रीगा अंचल क्षेत्र अंतर्गत भवदेपुर के राजस्व कर्मचारी के अवैध वसूली मामले में 2 सप्ताह से ऊपर बीत जाने के बावजूद भी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हो सका है हालांकि कार्यालय को प्राइवेट जगह से उठाकर रीगा अंचल में स्थित कर दिया गया है रीगा सीओ द्वारा जानकारी दी गई कि सीतामढ़ी दीपक स्टोर गली से कार्यालय को उठाकर रीगा अंचल में स्थित कर लिया गया है।
पिछले दिन रमेश पूर्वे के दाखिल खारिज करने के लिए राजस्व कर्मचारी जयप्रकाश द्वारा 5000 की रिश्वत मांगी गई थी जिसकी जानकारी रमेश पूर्वे द्वारा पत्रकार सह समाजसेवी विकेश कुमार पूर्वे को दिया था जिसके बाद विकेश कुमार पूर्वे द्वारा रिश्वत मांग की जानकारी सीतामढ़ी जिला अधिकारी को देते हुए रिश्वत लेनी देनी का स्टिंग ऑपरेशन कर लिया जब अवैध वसूली का वीडियो बनाए जाने का आभास कर्मचारी को हुआ तो उन्होंने अपने अवैध रूप से आधा दर्जन अपने रखे गए स्टाफ से पत्रकार के साथ धक्का-मुक्की करने लगे तथा उनका एक मोबाइल गिरा दिया गया एक को छीन लिया गया था वीडियो क्लिप को डिलीट करने का प्रयास किया जा रहा था कर्मचारी द्वारा अनुमंडल स्तरीय अधिकारी को अपना संबंधी बताते हुए पत्रकार को 2 मिनट में पत्रकारिता छुड़ाने की बात कही जा रही थी पत्रकार को बताया जा रहा था कि वीडियो क्लिप बना लेने से भी कुछ नहीं होगा क्योंकि बड़ी अधिकारी उनके संबंधी है उधर पीड़ित रमेश के द्वारा बताया गया था कि साल भर पहले भी इसी ऑफिस में काम करवाने आने पर काफी ज्यादा पैसे की डिमांड किया गया था हालांकि उस समय भी जिओ से फोन करवाने के बाद बताया गया था कि काम कर दिया जाएगा हालांकि 1 साल बीत जाने के बाद भी काम नहीं किया गया पुनः ऑफिस का चक्कर लगाना पड़ा इस दौरान पिछले बात को याद दिलाते हुए कर्मचारी को बताया तो उन्होंने बोला कि कम से कम आप ₹5000 दीजीए क्योंकि बिना पैसा के काम नहीं होता है चाहे आप किसी अधिकारी नेता या समाजसेवी से फोन करवा लीजिए।
इस न्यूज़ को जब प्रमुखता से विशाल समाचार में छपी तो संबंधित अधिकारी में हड़कंप मच गई लेकिन अब तक संतोषजनक करवाई नहीं हो पाया है वरीय अधिकारी की लापरवाही भी कर्मचारी को अवैध वसूली बढ़ावा देने का एक कारण है

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