
पुणे से गिरनारजी-सोमनाथ 1100 कि.मी. साइकिल से मात्र 9 दिनों में सफल यात्रा
पुणे : किसी विशिष्ट लक्ष्य से प्रेरित व्यक्ति समाज में रचनात्मक परिवर्तन लाते हैं और ऐसे व्यक्ति इतिहास बनाते ह््ैं। इसी तरह के लक्ष्य से प्रेरित होकर उत्तम धोका और आकाश राठोड ने साइकिल से भारत की तीर्थयात्रा हो सकती है यह संदेश फैलाने के लिए कई साहसिक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद इस वर्ष एक बार फिर पुणे से गिरनारजी-सोमनाथ की 1100 कि.मी. का सफर साइकिल से 9 दिन में यात्रा पूरी की।
पुणे सातारा रोड स्थित आदिनाथ सोसाइटी से शुरू हुआ यह अभियान 9 दिनों में 1100 किलोमीटर की दूरी तय सायिकील से कर राजकोट, गुजरात में जैनियों के गिरनारजी तीर्थ तक 18 जनवरी 2024 को पूरी हुई्। गिरनारजी के दत्त मंदिर और साथ ही सोमनाथजी तक की यह यात्रा साइकिल से पूरी की। इस साइकिल अभियान में उत्तम धोका के नेतृत्व में आकाश राठोड, सुरेश पिताणी, वीर उत्तम धोका शामिल हुए थे। मौसम की परवाह किए बिना प्रतिदिन 120 से 130 किलोमीटर की दूरी तय करके गिरनारजी तीर्थस्थल पर पहुंचे थे।
भारत के सभी तीर्थ स्थलों की यात्रा साइकिल से की जा सकती है, यहा संदेश देने के उद्देश्य से साइकिल से तीर्थ यात्रा पर निकले उत्तम धोका अब तक लगभग सात राज्यों के विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा कर 5400 किलोमीटर की दूरी पूरी कर चुके ह््ैं।
2019 में आरोग्य के साथ-साथ साइकिल से तीर्थ स्थल की यात्रा के लिए एक अलग पहल शुरू की गई थी। सबसे पहले उत्तम धोका ने पुणे शहर के विभिन्न तीर्थ स्थानों यानी दगडूशेठ मंदिर, चतुश्रिगी, पाषाण का शंकर मंदिर, जेजुरी आदि जगह साइकिल पर जा कर दर्शन करना शुरू किया। 2019 में पुणे से पालीताना तक 800 कि.मी. मीटर की लंबी दूरी साइकिल से पूरी की. और एक इतिहास रचने की शुरुआत करते हुए, धोका ने पुणे से शिरडी, पुणे से तुलजापुर, पुणे से पंढरपुर, पुणे से गेटवे ऑफ इंडिया, पुणे से अंतरिक्ष पार्श्वनाथ जैन तीर्थ तक की 500 किमी की यात्रा अकेले 3 दिनों में पूरी की। आगे साइकिल चलाने में उनका विश्वास इतना बढ़ गया कि 2023 में उन्होंने 2100 किमी की दूरी तय कर पुणे से सम्मेत शिखरजी (झारखंड) की यात्रा 17 दिनों में पूरी की। इस तरह अब तक 5400 किलोमीटर की यात्रा हो चुकी है.
भविष्य में, उत्तम धोका और उनकी टीम ने साइकिल से भारत के सभी तीर्थ स्थलों का दौरा करने का दृढ़ निर्णय लिया है। धोका ने कहा कि भविष्य में वह साइकिल से केदारनाथ सहित राजस्थान के सभी जैन तीर्थ स्थलों के दर्शन करेंगे।
उत्तम धोका 47 साल के हैं और वह जैन समुदाय से जुड़े हैं, इसलिए उन्होंने साइकिल से यात्रा कर जैन तिर्थ स्थलों पर जाने का निर्णय लिया। इसके अलावा ज्युली बॅग्ज (बॅग्ज उत्पादन) के रूप में उनका व्यवसाय पुणे शहर में है। वे युवाओं को संदेश दे रहे हैं कि व्यापार के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए धर्म को कैसे बरकरार रखा जाए्। युवा स्वास्थ्य और धार्मिक की ओर बढने का आदर्श वें सामने रख रहे हैं


