पूणे

जिला खरीफ सीजन पूर्व समीक्षा बैठक संपन्न; बीज, खाद व अन्य कृषि सामग्री की आपूर्ति की समीक्षा

जिला खरीफ सीजन पूर्व समीक्षा बैठक संपन्न; बीज, खाद व अन्य कृषि सामग्री की आपूर्ति की समीक्षा

मागेल त्याला शेततळे” योजना के अनुदान में वृद्धि का प्रयास किया जाएगा – उपमुख्यमंत्री अजित पवार

 

पुणे विशाल समाचार: “मागेल त्याला शेततळे” (माँगने पर खेत तालाब) योजना के अंतर्गत मिलने वाले अनुदान में वृद्धि के लिए राज्य सरकार प्रयत्नशील है, ऐसा आश्वासन राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने दिया। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी खरीफ सीजन के लिए किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक आदि कृषि सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

 

वे विधान भवन में आयोजित पुणे जिले की खरीफ सीजन पूर्व समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। इस बैठक में विधायक राहुल कुल, सुनील शेळके, चेतन तुपे, हिरामण मांडेकर, बाबाजी काळे, ज्ञानेश्वर उर्फ माऊली कटके, विभागीय आयुक्त डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, जिल्हाधिकारी जितेंद्र डूडी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

 

उपमुख्यमंत्री पवार ने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे किसान इसका उपयोग करेंगे, इसके फायदे सामने आएंगे और मांग में वृद्धि होगी। इस दिशा में और अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि पहले “शेततळे” योजना के अंतर्गत 50,000 रुपये का अनुदान मिलता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 75,000 रुपये किया गया। अब इसे 1 लाख रुपये तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

 

उपमुख्यमंत्री ने बोगस बीज और कीटनाशकों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि डोंगरी (पहाड़ी) क्षेत्रों में कृषि योजनाओं के प्रभावी अमल हेतु रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जाए।

 

उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं का लाभ समय पर किसानों को “महाडीबीटी” पोर्टल के माध्यम से पहुंचाया जाए।

 

बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र डूडी ने बताया कि मानसून समय पर आने की संभावना है और उसके अनुसार बीज व खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिले में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल लगभग 2 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 48 हजार क्विंटल बीज की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 1.96 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद की स्वीकृति दी गई है। 7,500 मी. टन यूरिया और 1,000 मी. टन डीएपी का बफर स्टॉक रखा जाएगा।

 

इस वर्ष “एग्री हैकाथॉन” नामक नवाचार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कृषि क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां, स्टार्टअप्स व औद्योगिक संगठन भाग ले रहे हैं। इसमें आठ प्रमुख कृषि समस्याओं के समाधान हेतु 1 से 3 जून के बीच स्पर्धा आयोजित की जाएगी। विजेताओं को क्रमशः 25 लाख और 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

 

इसके अलावा, अगले पांच वर्षों में निर्यातक्षम फसलों की खेती व उत्पादन बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित विकास किया जाएगा। इसमें केला, अंजीर, स्ट्रॉबेरी, आम, करडई, सूर्यमुखी, ज्वार, भात, सोयाबीन, भाजीपाला एवं गन्ना जैसे फसलों को प्राथमिकता दी जाएगी।

 

विधायक सुनील शेळके द्वारा इंद्रायणी भात को जीआई (भौगोलिक संकेतक) मान्यता दिलाने की मांग पर कृषि विभाग को तत्काल प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश उपमुख्यमंत्री ने दिए। विधायक राहुल कुल ने गोपीनाथ मुंडे शेतकरी अपघात सुरक्षा योजना के अनुदान में वृद्धि और वन विभाग क्षेत्र में जलसंधारण कार्य बढ़ाने की मांग की, जिस पर उपमुख्यमंत्री पवार ने कार्यवाही के निर्देश दिए।

 

कार्यक्रम की शुरुआत में उपमुख्यमंत्री के हाथों डीबीटी के तहत कृषि यंत्रीकरण योजना में ट्रैक्टर प्राप्त करने वाले लाभार्थी किसानों को ट्रैक्टरों का वितरण किया गया। इस अवसर पर किसानों ने उपमुख्यमंत्री को यह दिखाते हुए संतोष व्यक्त किया कि उन्हें उसी दिन योजना का अनुदान बैंक खाते में एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हुआ।

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