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सहकारी बैंकों को ग्राहकोन्मुख और जनोन्मुख होना चाहिए – उपमुख्यमंत्री अजित पवार

सहकारी बैंकों को ग्राहकोन्मुख और जनोन्मुख होना चाहिए – उपमुख्यमंत्री अजित पवार

रामराज्य सहकारी बैंक के मुख्य कार्यालय एवं बिबवेवाड़ी शाखा के भवन की आधारशिला उपमुख्यमंत्री अजित पवार के हस्ते संपन्न

 

पुणे डीएस तोमर: वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक बैंकिंग युग में सहकारी बैंकों को ग्राहकोन्मुख एवं जनोन्मुख बनना अनिवार्य है, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं पुणे जिले के पालकमंत्री अजित पवार ने किया।

 

वह रामराज्य सहकारी बैंक के मुख्य कार्यालय और बिबवेवाड़ी शाखा के नवीन भवन की कोनशीला (आधारशिला) कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस अवसर पर महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर, विधायक चेतन तुपे, राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक विद्याधर अनास्कर, बैंक के संस्थापक एड. सुभाष मोहिते, विजय मोहिते, अध्यक्षा नंदा लोणकर, उपाध्यक्ष शिरीष मोहिते, संचालक मंडल एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

अजित पवार ने कहा कि सहकारी आंदोलन को महाराष्ट्र में मजबूती देने में धनंजय गाडगीळ, विठ्ठलराव गाडगीळ, वैकुंठभाई मेहता, यशवंतराव चव्हाण, वसंतदादा पाटील, वसंतराव नाईक, विलासराव देशमुख और शरद पवार जैसे नेताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

 

उन्होंने कहा कि वर्तमान सहकार कानून में समयानुसार बदलाव की आवश्यकता है, जिससे सहकारी क्षेत्र के हर घटक को न्याय मिल सके। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा एक समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार उस पर सकारात्मक निर्णय लेगी।

 

उन्होंने आगे कहा कि सहकारी बैंकों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर पारदर्शी और भरोसेमंद सेवा देनी चाहिए। बैंक को केवल लाभ के पीछे न भागते हुए आम नागरिकों की सेवा करनी चाहिए। रामराज्य सहकारी बैंक पिछले 25 वर्षों से आम लोगों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है, और इसमें संचालक मंडल, कर्जदार व सदस्यों का बड़ा योगदान है।

 

बैंक को चाहिए कि वह विश्वसनीय कर्जदारों को प्राथमिकता दे, जमा राशियों में वृद्धि करे तथा युवाओं को बैंकिंग क्षेत्र का प्रशिक्षण देकर उन्हें अवसर प्रदान करे। साथ ही उन्होंने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सहकारी बैंकों को राज्य सहकारी बैंक से जुड़कर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना चाहिए।

 

इस अवसर पर संस्थापक विजय मोहिते ने बताया कि रामराज्य सहकारी बैंक की शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 8 शाखाएँ कार्यरत हैं और सभी स्थानों पर पारदर्शी बैंकिंग सेवा दी जा रही है।

 

बैंक की अध्यक्षा नंदा लोणकर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि एड. सुभाष मोहिते ने बैंक की अब तक की यात्रा की जानकारी साझा की।

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