सीतामढ़ी

भिट्ठामोड़ थानाध्यक्ष रविकांत की नेपाल के जलेश्वर में पिटाई 

भिट्ठामोड़ थानाध्यक्ष रविकांत की नेपाल के जलेश्वर में पिटाई 

 

सीतामढ़ी कुणाल किशोर: सुरसंड प्रखण्ड अन्तर्गत भिट्ठा थाना के थानाध्यक्ष रविकांत कुमार एक विवादास्पद घटना को लेकर सुर्खियों में हैं। बुधवार की शाम लगभग 8 बजे से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि थानाध्यक्ष रविकांत कुमार अपने दो पुलिसकर्मियों के साथ नेपाल के मधेश प्रदेश में महोत्तरी जिले के जलेश्वर नगरपालिका वार्ड नंबर 5, चौड़िया पीपरा गांव में अज्ञात लोगों द्वारा पीटे गए। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, रविकांत कुमार अपने दो सहयोगी पुलिसकर्मी (अधिकारियों) के साथ सीमावर्ती नेपाली क्षेत्र महोत्तरी के जलेश्वर में दाखिल हुए थे। अंदरुनी किसी मामले को लेकर अचानक विवाद उत्पन्न हो गया अज्ञात लोगों ने कथित रूप से पुलिस अधिकारियों की पिटाई शुरू कर दी। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि यह घटना एक “ शराब तस्कर को पकड़ने ” के दौरान हुई। नेपाली सोशल मीडिया पर यह संदेश फैलाया जा रहा है कि भारतीय पुलिस बिना अनुमति के नेपाल की सीमा में घुसी और एक तस्कर को पकड़ने की कोशिश की, जिस दौरान विवाद हुआ। हालांकि, कुछ स्थानीय सूत्रों ने इस मामले में एक और गंभीर दावा किया है। उनके अनुसार यह पूरी घटना शराब तस्करी के लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों की नेपाल में मौजूदगी आधिकारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कारणों से थी। यदि यह बात सत्य सिद्ध होती है, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता और पुलिस विभाग की मर्यादा दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता क्या है – क्या वाकई एक तस्कर को पकड़ने के क्रम में बताया जा रहा है। या फिर मामला किसी निजी सौदेबाज़ी का था – यह सब अभी जांच का विषय है। बिहार पुलिस, नेपाल प्रशासन, और दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों से इस पर स्पष्टता अपेक्षित है। यदि कोई पुलिस अधिकारी सीमा पार कर किसी गैरकानूनी गतिविधि में लिप्त पाया गया, तो यह न केवल विभागीय अनुशासन के उल्लंघन की श्रेणी में आएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। इस संवेदनशील मामले में जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरों और वीडियो की भी सत्यता की जांच होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह की अफवाह से क्षेत्रीय तनाव न बढ़े। इन सभी प्रश्नों के उत्तर आने वाले समय में जांच के बाद हीं सामने आएंगे। तब तक जनता से अपील है कि अफवाहों से बचें और प्रशासनिक पुष्टि की प्रतीक्षा करें।

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